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साईंसी ख़ुतूत पर ही मुल़्क की तरक़्क़ी और ख़ुशहाली मुम्किन : काटजू

नई दिल्ली, १३ जनवरी (एजैंसीज़) प्रेस कौंसल आफ़ इंडिया के सदर नशीन जस्टिस मारकंडे काटजू ने कहा है कि साईंसी नुक़्ता-ए-नज़र और तौर तरीक़ों को अपना कर मुल्क में ख़ुशहाली लाई जा सकती है।

नई दिल्ली, १३ जनवरी (एजैंसीज़) प्रेस कौंसल आफ़ इंडिया के सदर नशीन जस्टिस मारकंडे काटजू ने कहा है कि साईंसी नुक़्ता-ए-नज़र और तौर तरीक़ों को अपना कर मुल्क में ख़ुशहाली लाई जा सकती है।

मिस्टर काटजू कल यहां मुनाक़िदा साईंसी नुक़्ता-ए-नज़र के लिए साईंसी बेदारी के मौज़ू पर बैन-उल-अक़वामी कान्फ़्रैंस में मेहमान ख़ुसूसी की हैसियत से ख़िताब करते हुए कहा कि साईंसी उलूम का ऐटमी बम की तरह ग़लत इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन इस का इस्तेमाल इंसानों के मुफ़ाद के लिए भी किया जा सकता है।

साईंस के बगै़र हमारी ज़िंदगी ग़ैर यक़ीनी और बेयार-ओ-मददगार है। उन्हों ने कहा कि साईंस-ओ-टैक्नोलोजी के यकसाँ तौर पर इस्तेमाल से ना सिर्फ लोगों को फ़ायदा हासिल होता है बल्कि बुनियादी साईंस के तवील-उल-मुद्दती नताइज फ़ायदेमंद होते हैं। मुल्क की ग़ुर्बत की जानिब इशारा करते हुए जस्टिस काटजू ने कहा कि अपने मुल्क में 80 फ़ीसद अफ़राद बेरोज़गार हैं।

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