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साबिक़ा हुकूमत के बाज़ फैसलों का दस्तूर के दायरह में जायज़ा

गवर्नर आंध्र प्रदेश ई एस एल नरसिम्हन ने प्रेस कांफ्रेंस से ख़िताब करते हुए बताया कि सदर जमहूरीया हिंद ने दस्तूर की दफ़ा 356 के तहत रियासत के इंतेज़ामी उमूर हासिल करलिए हैं और उन्हें इस बात के अहकामात दिए गए हैं कि वो रियासत में नज़म-ओ-नस

गवर्नर आंध्र प्रदेश ई एस एल नरसिम्हन ने प्रेस कांफ्रेंस से ख़िताब करते हुए बताया कि सदर जमहूरीया हिंद ने दस्तूर की दफ़ा 356 के तहत रियासत के इंतेज़ामी उमूर हासिल करलिए हैं और उन्हें इस बात के अहकामात दिए गए हैं कि वो रियासत में नज़म-ओ-नसक़ के अलावा अमन-ओ-अमान की निगरानी करें।

उन्होंने रियासत के अवाम से अपील की के वो अमन-ओ-अमान की बरक़रारी को यक़ीनी बनाईं और सब्र-ओ-तहम्मुल का मुज़ाहरा करते हुए रियासत की तरक़्क़ी में अपना किरदार अदा करें।

उन्होंने कहा कि रियासत में सदर राज के दौरान अवाम को कोई मुश्किलात नहीं होंगी। उन्होंने तवक़्क़ो ज़ाहिर की के इस दौरान इन्हें अवाम और ओहदेदारों का मुकम्मिल तआवुन हासिल रहेगा और रियासत में हालात मामूल के मुताबिक़ रहेंगे।

नरसिम्हन ने सदर राज के दौर में अवाम से तआवुन की ख़ाहिश करते हुए कहा कि ये एक नाज़ुक दौर है, इस में अवामी तआवुन नागुज़ीर है। इस मौके पर उन्होंने पिछली हुकूमत के बाज़ फ़ैसलों के मुताल्लिक़ नज़रसानी के ताल्लुक़ से किए गए सवाल का जवाब देते हुए कहा कि साबिक़ा हुकूमत ने जो काम किए हैं, इन का दस्तूर के दायरे में क़ानूनी जवाज़ की बुनियाद पर जायज़ा लिया जाएगा।

गवर्नर आंध्र प्रदेश ने बताया कि रियासत में अमन-ओ-अमान की बरक़रारी उनकी अव्वलीन तर्जीहात में शामिल है। चूँ कि अमन-ओ-अमान की बरक़रारी के अलावा क़ानून पर अमल आवरी के बगै़र रियासत की तरक़्क़ी के लिए सरमाया दारों को राग़िब नहीं किया जा सकता।

उन्होंने बताया कि रियासत की तक़सीम के मसले पर 15 ज़ेली कमेटियां तशकील दी जा चुकी हैं और ये कमेटियां मुख़्तलिफ़ उमूर अंजाम देंगी। ई एस ईल नरसिम्हन ने इस बात की यक़ीन दहानी करवाई कि दोनों रियासतों के साथ किसी किस्म की नाइंसाफ़ी नहीं होगी, बल्के दोनों रियासतों के अवाम की तरक़्क़ी को यक़ीनी बनाने के फ़ैसले किए जाऐंगे।

रियासत में सदर राज के नफ़ाज़ के बाद पहली प्रेस कांफ्रेंस के दौरान नरसिम्हन ने बताया कि रियासत आंध्र प्रदेश में तरक़्क़ी की रफ़्तार को तेज़ करने और सरमायादारों को राग़िब करने के इक़दामात किए जाने हैं और वो इस पर अपनी तवज्जा मर्कूज़ करेंगे।

उन्होंने इस मौके पर बताया कि तालीम और सेहत आम्मा भी उनकी तर्जीहात में शामिल हैं, इसी लिए उन पर भी ख़ुसूसी तवज्जा दी जाएगी। नरसिम्हन ने बताया कि पिछ‌ली हुकूमत की तरफ से चलाई जाने वाली तमाम फ़लाही सकीमात बदस्तूर जारी रहेंगी, इन में कोई तबदीली नहीं होगी।

उन्होंने कॉरपोरेट हॉस्पिटल्स से ख़ाहिश की के वो सेहत को बेहतर बनाने और तशख़ीस के अमल को अवाम के लिए काबिल-ए-दस्तरस बनाईं। चूँकि महंगे ईलाज-ओ-मुआलिजा के लिए अवाम मआशी तौर पर मुतहम्मिल नहीं हैं, इस का जायज़ा लेने की ज़रूरत है।

उन्होंने कहा कि रियासत की बर्क़ी, आबी और ज़रई सूरते हाल का भी जायज़ा लेते हुए ख़िदमात अंजाम दी जाएंगी। नरसिम्हन ने इस बात का खुलासा कीया के रियासत की तक़सीम के अमल में मर्कज़ की मुआवनत के लिए तशकील दी गई 15 कमेटियां असासाजात और वसाइल की तक़सीम के मुताल्लिक़ रिपोर्ट पेश करेंगी।

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