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साबिक़ डीजीपी और दुसरे शक के घेरे में

हैदराबाद 12 अगस्त: साबिक़ नेक्सलाइट नईम की एनकाउंटर में हलाकत के बाद उस की गै़रक़ानूनी सरगर्मीयों की तहक़ीक़ात के लिए तशकील दी गई एसआईटी अब मुत्तहदा आंध्र प्रदेश के साबिक़ डायरेक्टर जनरल आफ़ पुलिस और तेलंगाना से ताल्लुक़ रखने वाले दो एडिशनल सुपरिन्टेन्डेन्टस आफ़ पुलिस से पूछगिछ का इरादा रखती है। आला ज़राए ने बताया कि साबिक़ डीजीपी अपने ओहदे से सबकदोश होने के बाद भी नईम से मुसलसिल रब्त में थे और बाज़ अराज़ी तनाज़आत में उन्होंने मदद हासिल की थी। मज़कूरा डीजीपी की दोस्ती नईम से इस वक़्त हुई थी जब वो डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल आफ़ पुलिस के ओहदे पर फ़ाइज़ थे और नईम ने उनके साथी आईपीएस ओहदेदार के एस वयास को एल्बी स्टेडीयम में चहलक़दमी के दौरान गोली मारकर हलाक कर दिया था।

इस वाक़िये के बाद साबिक़ डीजीपी ने नईम को अपना मुख़्बिर बनालिया था और तवील अरसा तक उस का इस्तेमाल किया गया जिसमें माओसट पार्टी केअहम अरकान का ख़ातमा शामिल है। साबिक़ डीजीपी की जानिब से आम इंतेख़ाबात में नईम ने मुबय्यना तौर पर तशहीरी मुहिम में भी मदद की थी। दो एशनल एस पीस ने भी नईम से ताल्लुक़ात का भरपूर फ़ायदा उठाते हुए ज़ाती मुफ़ादात के लिए उसे इस्तेमाल किया। एसआईटी इन ओहदेदारों को तहक़ीक़ात के सिलसिले में तलब कर सकती है।

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