साबिक़ सदर ज़ैनुल आबिदीन के दामाद गिरफ़्तार

साबिक़ सदर ज़ैनुल आबिदीन के दामाद गिरफ़्तार
दुबई, 16 दिसंबर: त्यूनिस (Tunis) के वज़ीर-ए-क़ानून नूरुद्दीन बहीरी (Justice Minister Noureddine Bhiri ) ने साबिक़ मफ़रूर सदर ज़ैनुल् आबिदीन बिन अली (Zine El Abidine Ben Ali,) के दामाद सक्खर मातेरी (Sakhr El Materi) को बहर-ए-हिंद के मशहूर सयाहती मुक़ाम सीशल के एक जज़ीरे से गिरफ़्तार करने की

दुबई, 16 दिसंबर: त्यूनिस (Tunis) के वज़ीर-ए-क़ानून नूरुद्दीन बहीरी (Justice Minister Noureddine Bhiri ) ने साबिक़ मफ़रूर सदर ज़ैनुल् आबिदीन बिन अली (Zine El Abidine Ben Ali,) के दामाद सक्खर मातेरी (Sakhr El Materi) को बहर-ए-हिंद के मशहूर सयाहती मुक़ाम सीशल के एक जज़ीरे से गिरफ़्तार करने की तसदीक़ कर दी है।

ज़राए इबलाग़ के मुताबिक़ मातेरी की गिरफ़्तारी की ख़बर लूटे गए माल की वापसी की मौज़ू पर दार उल हुकूमत में होने वाली कान्फ्रेंस में ज़ाहिर हुई। त्यूनिस की मुतअद्दिद अदालतों ने सक्खर मातेरी की ग़ैरमौजूदगी में उन के ख़िलाफ़ माली बदउनवानी के इल्ज़ामात में वारंट गिरफ़्तारी जारी कर रखे हैं।

मुक़द्दमात की अदमे पैरवी की वजह उन्हें इश्तिहारी क़रार दे दिया गया था। सक्खर मातेरी बिन अली की अहलिया ( बीवी) लैला के बतन ( पेट) से पैदा होने वाली साहबज़ादी नसरीन के शौहर हैं। वो अपने ससुर का इक़तिदार ख़त्म होने से पहले त्यूनिस से फ़रार हो गए थे।

सिर्फ़ 30 बरस की उम्र में उन्होंने कारोबारी और सयासी महाज़ों पर नुमायां कामयाबियां हासिल कीं। वो सदारती मुशीरान की कौंसल के रुकन भी थे। उन्हें अपने ससुर बिन अली का सयासी ख़लीफ़ा भी समझा जाता था और मीडीया में ऐसी इत्तिलाआत सामने आ चुकी हैं जिनमें बताया गया था कि सक्खर मातेरी अपनी सास लैला अल तराबलसी की ख़ामोश हिमायत से सदर बिन अली का तख़्ता उल्टने के ख़ाहिशमंद थे।

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