साबिक़ चीफ इंजीनियर के रिहाइशगाह पर एसवीयू ने की छापेमारी

साबिक़ चीफ इंजीनियर के रिहाइशगाह पर एसवीयू ने की छापेमारी
खुसुसि निगरानी यूनिट (एसवीयू) ने पानी वसायल महकमा के चीफ़ इंजीनियर के ओहदे से रिटाइर्ड हुए रामविलास चौधरी के पटना में बहादुरपुर हाउसिंग कॉलोनी वाक़ेय मकान पर जुमा को छापेमारी कर 1.80 करोड़ की जायदाद बरामद की।

खुसुसि निगरानी यूनिट (एसवीयू) ने पानी वसायल महकमा के चीफ़ इंजीनियर के ओहदे से रिटाइर्ड हुए रामविलास चौधरी के पटना में बहादुरपुर हाउसिंग कॉलोनी वाक़ेय मकान पर जुमा को छापेमारी कर 1.80 करोड़ की जायदाद बरामद की।

चौधरी के खिलाफ एसवीयू ने आमदनी से एक करोड़, 35 लाख, 66 हजार, 330 रुपये की ज़्यादा कमाई करने का मुकदमा दर्ज किया है। बरामद जायदाद की अभी तहक़ीक़ात चल रही है। इसका कुल कीमत बढ़ने की एमकान है। चौधरी गुजिशता साल 31 अगस्त को दरभंगा से महकमा के चीफ़ इंजीनियर के ओहदे से रिटायर हुए थे। एसवीयू के आइजी प्रवीण वशिष्ठ ने बताया कि जायदाद के दीगर दस्तावेजों की तहक़ीक़ात अभी पूरा नहीं हुआ है। फिलहाल उनके एक ही ठिकाने को खंगाला गया है। बहादुरपुर हाउसिंग कॉलोनी में 4-एच/6 में 3600 वर्गफुट में बनी उनकी चार मंजिला इमारत है।

इसके अलावा उनकी बीवी मंजू चौधरी के नाम बेंगलुरु में तीन बेडरूम का एक फ्लैट, ग्रेटर नोएडा के लॉ रेसीडेंसी में बीवी और बेटे के नाम पर एक फ्लैट के कागजात के अलावा मकान से एक लाख, 63 हजार, 150 रुपये नकद बरामद किया है। चौधरी और उनकी बीवी के नाम मुखतलिफ़ बैंकों में 59 लाख, 08 हजार, 946 रुपये जमा है और एमआइएस, एनएससी और शेयर में पांच लाख, 35 हजार रुपये का सरमायाकारी किया गया है।

घर से एक दर्जन बैंक खातों के कागजात बरामद हुए हैं। तहक़ीक़ात के शुरुवाती मरहले में ही पता चला है कि रिटायर के बाद उनके बैंक खातों से लाखों रुपये का ट्रांसजेक्शन किया गया है। घर से एक महिंदा एक्सयूवी और एक जेन कार बरामद किया गया है। दो बैंक लॉकरों का भी पता चला है। मिस्टर वशिष्ठ के मुताबिक, यह हिसाब चौधरी की रिटायर वाले दिन तक की है। बैंक खातों में भी 31 अगस्त, 2013 तक की जमा रकम ही बरामदगी में शामिल की गयी है। मिस्टर वशिष्ठ के मुताबिक अभी उनके दो बेटों की जायदाद की तहक़ीक़ात पूरी नहीं हुई। बैंक लॉकरों की तलाशी में कुछ और बड़े खुलासे की एमकान है।

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