सासंदो की पेंशन तय करने का हक़ सिर्फ़ संसद को है- अरुण जेटली

सासंदो की पेंशन तय करने का हक़ सिर्फ़ संसद को है- अरुण जेटली
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नई दिल्ली। न्यायपालिका को परोक्ष संदेश देते हुए वित्त मंत्री अरूण जेटली ने कहा कि यह तय करने का अधिकार केवल संसद को है कि सांसदों को कितनी पेंशन दी जा सकती है और अंतर संस्थागत अनुशासन का सम्मान करना होगा।

संसद सदस्यों को मिलने वाली पेंशन और अन्य सुविधाएं रद्द करने की मांग करने वाली अपील पर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग से उच्चतम न्यायालय द्वारा जवाब तलब किए जाने के एक दिन बाद, राज्यसभा में विपक्षी सदस्यों ने चिंता जताते हुए कहा कि सांसदों की छवि धूमिल की जा रही है।

इस पर जवाब देते हुए वित्त मंत्री और सदन के नेता अरूण जेटली ने कहा यह एक निर्विवाद संवैधानिक रूख है कि जनता का धन संसद की मंजूरी के बाद ही खर्च किया जा सकता है। इसलिए, केवल संसद ही यह तय कर सकती है कि जनता का धन कैसे खर्च किया जा सकता है। कोई अन्य संस्थान इस अधिकार का उपयोग नहीं कर सकता।

वित्त मंत्री ने कहा यह तय करने का विशेष अधिकार संसद को है कि सरकारी पेंशन लेने का हकदार कौन है और कितनी पेंशन लेने का हकदार है। यह संवैधानिक रूख है जिसे प्रत्येक संस्थान को स्वीकार करना होगा।

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