Wednesday , December 13 2017

साहिली आंध्र और रायलसीमा में बिजली की मूसीबत जारी

आंध्र प्रदेश के साहिली इलाके और रायलसीमा में बिजली की किल्लत जारी है और इस वजह से अस्पताल, एयरपोर्ट और रेल समेत कई जरूरी खिदमात ( Services) पर जबर्दस्त असर पड़ रहा है। अलैहता तेलंगाना की मुखालिफत में रियासत के महकमा बिजली मुलाज़्मीन की ह

आंध्र प्रदेश के साहिली इलाके और रायलसीमा में बिजली की किल्लत जारी है और इस वजह से अस्पताल, एयरपोर्ट और रेल समेत कई जरूरी खिदमात ( Services) पर जबर्दस्त असर पड़ रहा है। अलैहता तेलंगाना की मुखालिफत में रियासत के महकमा बिजली मुलाज़्मीन की हड़ताल जारी है और लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। विजयवाड़ा थर्मल पावर स्टेशन और रायलसीमा थर्मल पावर स्टेशन समेत और कई बड़े पावर स्टेशनों से बिजली की फराहमी ठप है। तीन घंटे से लेकर 10 घंटे तक बिजली की कटौती की जा रही है।

सरकारी ज़राये के मुताबिक बिजली की कुल मांग जहां 11 हजार मेगावॉट है वहीं सप्लाई सिर्फ 7500 मेगावॉट की हो रही है। इस वजह से अस्पताल में इमरजेंसी खिदमात पर असर पड़ रहा है। मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। तिरुपति और विजयवाड़ा एयरपोर्ट्स पर बैकअप पावर का इस्तेमाल किया जा रहा है। रेल खिदमात पर भी असर हुआ है।

विजयनगरम में लगाए गए कर्फ्यू में मंगल की सुबह एक घंटे की ढील दी गई। पुलिस ने बताया कि शहर के हालात में सुधार हुआ है। ढील के दौरान पुलिस और पैरा मिल्ट्री फोर्स की सख्त निगरानी के बीच लोग सब्जियां, और जरूरत की दूसरी चीजें खरीदने के लिए घरों से बाहर निकले। एटीएम और पेट्रोल पंप पर लोगों की लंबी कतार देखी गई। विजयनगरम में हफ्ते के दिन ही कर्फ्यू लगाया गया था।

तेलंगाना बनाए जाने के मुद्दे पर भूख हड़ताल पर बैठे तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के सुप्रीमो चंद्रबाबू नायडू अपना अनशन जारी रखेंगे। उन्होंने पीर के दिन से दिल्ली वाकेय् आंध्र भवन में अनशन शुरू की थी। पीर के दिन ओहदेदारान ने उनके अनशन को गैरकानूनी बताते हुए अहाते खाली करने को कहा, लेकिन नायडू ने उनकी बात नहीं मानी। नायडू ने कहा, मैंने क्या जुर्म किया है? जब जगमोहन रेड्डी जेल में थे, उन्होंने जेल के नियमों के बरअक्स जाकर अनशन किया। फिर मुझे भला क्यों आंध्र भवन खाली करना चाहिए।

तेलंगाना मुद्दे पर इस्तीफा देने वाले कांग्रेस लीडर एल राजगोपाल ने अपना इस्तीफा मंजूर कराए जाने को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया। सीमांध्र कांग्रेस के लीडर और एमपी राजगोपाल ने मंगल के दिन अदालत से अपील की कि वह लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार को उनका इस्तीफा मंजूर करने की हिदायत दे। उन्होंने कहा , 65 दिन खत्म हो जाने के बाद और बार – बार गुजारिश करने के बावजूद स्पीकर ने मेरा इस्तीफा कुबूल नहीं किया।

मैं अपनी खाहिश के खिलाफ लोकसभा रूकन के तौर पर काम करने के लिए पाबंद हूं।

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