Tuesday , December 12 2017

सिख विरोधी हिंसा मामले में सज्जन कुमार को द्वारका कोर्ट से मिली अग्रिम जमानत

नई दिल्ली: साल 1984 में हुए सिख विरोधी हिंसा मामले में कांग्रेसी नेता सज्जन कुमार को द्वारका कोर्ट ने राहत दिया है। सज्जन कुमार की अग्रिम जमानत याचिका मंजूर करते कोर्ट ने उन पर तीन शर्तें लगाई हैं। पहला तो कोर्ट ने उन्हें एक लाख रुपये का बॉन्ड भरने को कहा है, दूसरा जांच में सहयोग करने को कहा है और तीसरा कोर्ट ने उन्हें देश छोड़कर नहीं जाने को कहा है।

सज्जन कुमार ने कोर्ट में कहा कि घटना के 32 साल बाद उनका नाम लिया गया है और ये एक राजनीतिक साजिश है। उसके बाद कोर्ट में एसआईटी की तरफ से कहा गया कि सज्जन कुमार को दो बार पेश होने के लिए समन भेजे गए, लेकिन वे सिर्फ एक बार पेश हुए। एसआईटी ने कोर्ट से कहा कि सज्जन कुमार जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं और सवालों के जवाब में उन्होंने सिर्फ नाम पता बताया है।

सज्जन कुमार ने एसआईटी के सामने पेश होने से पहले अपनी गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए द्वारका कोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की थी। एसआईटी ने उन्हें दो नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए पहले बुलाया था।

दरअसल, एसआईटी ने जनकपुरी में एक नवंबर 1984 को सोहन सिंह और उनके दामाद अवतार सिंह की हत्या और 2 नवंबर 1984 को विकासपुरी में गुरबचन सिंह को जलाने के मामलों की दोबारा जांच शुरू की है। फिलहाल एसआईटी ने इन मामलों में कुछ गवाहों का बयान दर्ज किया है।

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