Wednesday , December 13 2017

सिगरेट नोशों की क़ुरबत बच्चों के लिए नुक़्सानदेह

तिब्बी माहिरीन ने कहा है कि सिगरेट नोश हज़रात की क़ुरबत में परवरिश पाने वाले बच्चों को सेहत के मसाइल लाहक़ होने के ख़तरात ज़्यादा होते हैं, हाल ही में एक ताज़ा तरीन तहक़ीक़ की गई जिस में 6 से 11 बरस की उम्र के 3087 बच्चों का मुशाहिदा किया गया और उ

तिब्बी माहिरीन ने कहा है कि सिगरेट नोश हज़रात की क़ुरबत में परवरिश पाने वाले बच्चों को सेहत के मसाइल लाहक़ होने के ख़तरात ज़्यादा होते हैं, हाल ही में एक ताज़ा तरीन तहक़ीक़ की गई जिस में 6 से 11 बरस की उम्र के 3087 बच्चों का मुशाहिदा किया गया और उनके स्कूल में हाज़रियों की तादाद का तनासुब देखा गया, सर्वे में शामिल 14 फ़ीसद से ज़ाइद ऐसे बच्चे थे जिनके घर में कम अज़ कम एक सिगरेट नोश मौजूद था।

इस तहक़ीक़ के दौरान पता चला कि सिगरेट नोशी करने वाले घरानों की निस्फ़ से ज़ाइद तादाद कम आमदनी वाले घरानों पर मुश्तमिल थी जो कि सिगरेट नोशी के मुज़िर असरात पर उठने वाले अख़राजात बर्दाश्त करने के मुतहम्मिल भी नहीं। तहक़ीक़ के दौरान ये भी मालूम हुआ कि स्कूल से ग़ैर हाज़िर रहने वाले 34 फ़ीसद बच्चों के घरानों में कम अज़ कम 2 सिगरेट नोश जबकि 24 फ़ीसद ग़ैर हाज़िर रहने वालों के घरानों में कम अज़ कम एक सिगरेट नोश मौजूद है।

ये तहक़ीक़ करने वाले माहिरीन ने कहा है कि सिगरेट नोशों की क़ुरबत में रह कर बीमार पड़ने वाले तलबा-ए-अक्सर तालीमी मैदान में भी पीछे रह जाते हैं। इसके अलावा घरों के अंदर सिगरेट नोशी ना सिर्फ कमसिन बच्चों के लिए मुज़िर है बल्कि इससे माली नुक़्सान भी होता है और ये बच्चों के अख़लाक़ी इन्हितात की मूजिब भी है।

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