सिपाही ने की दो साथियों का कत्ल

सिपाही ने की दो साथियों का कत्ल
हाजरी रजिस्टर में हाजिरी के तनाजे को लेकर विक्रम ब्लॉक हेड क्वार्टर के सीओ गार्ड क्र्वाटर में पीर की सुबह एक सिपाही मुकेश रजक ने अपने दो साथियों की गोली मार कर कत्ल कर दी। ये गोलियां ड्यूटी पर तैनात हवलदार रामविशुन यादव (55) और सिपा

हाजरी रजिस्टर में हाजिरी के तनाजे को लेकर विक्रम ब्लॉक हेड क्वार्टर के सीओ गार्ड क्र्वाटर में पीर की सुबह एक सिपाही मुकेश रजक ने अपने दो साथियों की गोली मार कर कत्ल कर दी। ये गोलियां ड्यूटी पर तैनात हवलदार रामविशुन यादव (55) और सिपाही सदानंद कुमार (45) के सीने में सरकारी राइफल से ही मारी गयीं, जिससे मौके पर ही दोनों की मौत हो गयी।

गोलियां मारने के बाद मुल्ज़िम सिपाही मुकेश रजक पूरे दिन सबको गुमराह करता रहा और बयान दिया कि दोनों ने एक-दूसरे को गोली मारी है। लेकिन, जांच में जब पता चला कि गोलियां एक ही राइफल से चलायी गयी हैं, तो शक की सूई मुकेश पर आ टिकी। उसे फौरन गिरफ्तार कर लिया गया। ताजा तनाज़ा हाजरी रजिस्टर हवलदार की तरफ से ड्यूटी मूआईना में पहुंचे एएसआइ को देने पर हुआ, जो कत्ल का वजह बना। तीन दिन पहले भी मुकेश की दोनों से किसी बात को लेकर तनाज़ा हुआ था।

रजिस्टर को लेकर तीनों में हुई थी बहस

मूआईना के दौरान हवलदार व दोनों सिपाहियों के सोते हुए पाये जाने पर एएसआइ राजेश कुमार ने हवलदार को फटकार लगायी और अटेंडेंस रजिस्टर को जब्त कर थाने ले आये। रजिस्टर में पांच मार्च, 2015 के बाद किसी की हाजिरी नहीं बनी थी। भोर में करीब छह बजे जब सिपाही सदानंद कुमार व मुकेश रजक को पता चला कि मूआईना के दौरान हवलदार ने हाजिरी रजिस्टर एएसआइ को दे दिया है, तो उन तीनों में इसे लेकर बहस होने लगी। इस दरमियान गोली चली और मौके पर ही रामविशुन और सदानंद की मौत हो गयी।

शुरुआती जांच में यह पता चला है कि तीसरे सिपाही मुकेश रजक ने ही दोनों पुलिस मुलाज़िम पर गोली चलायी। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है और पूछताछ की जा रही है। वहीं, ड्यूटी से गायब मिले तीन सिपाही संजय कुमार, भगवान मांझी व देव कुमार सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है और उनकी तलाश की जा रही है। मामले की जांच में एफएसएल टीम लगी हुई है। बरामद हुए राइफल व खोखे का बैलेस्टिक तहक़ीक़ात होने के बाद ही पूरा मामला वाजेह हो पायेगा।
जितेंद्र राणा , एसएसपी

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