Saturday , December 16 2017

सियान्ती व दफ़ाई ताल्लुक़ात में इज़ाफे से करज़ई-सुषमा इत्तिफ़ाक़

वज़ीर-ए-ख़ारिजा हिन्दुस्तान सुषमा स्वराज ने आज सदर अफ़्ग़ानिस्तान हामिद करज़ई से सियासी और सियान्ती सूरत-ए-हाल और वसीअतर मौज़ूआत पर बातचीत की। दोनों ने सियान्ती और दिफ़ाई शोबों में तआवुन में इज़ाफे से इत्तिफ़ाक़ किया।

वज़ीर-ए-ख़ारिजा हिन्दुस्तान सुषमा स्वराज ने आज सदर अफ़्ग़ानिस्तान हामिद करज़ई से सियासी और सियान्ती सूरत-ए-हाल और वसीअतर मौज़ूआत पर बातचीत की। दोनों ने सियान्ती और दिफ़ाई शोबों में तआवुन में इज़ाफे से इत्तिफ़ाक़ किया।

दोनों ममालिक ने बाहमी तिजारत में इज़ाफे की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। ज़राए के बमूजब मुलाक़ात के दौरान मुकम्मल सियासी सूरत-ए-हाल पर तबादला-ए-ख़्याल किया गया।

सुषमा स्वराज ने कहा कि हिन्दुस्तान, अफ़्ग़ानिस्तान की सियान्ती ज़रूरीयात की तकमील का पाबंद है। अफ़्ग़ानिस्तान, हिन्दुस्तान पर फ़ौजी हार्डवेयर की सरबराही के लिए ज़ोर देता रहा है।

इमकान है कि सुषमा स्वराज सदर अफ़्ग़ानिस्तान से उनके मुल्क में हिन्दुस्तानी असासाजात के तहफ़्फ़ुज़ का मुतालिबा करेंगी। करज़ई ने अफ़्ग़ानिस्तान-अमरीका सियान्ती मुआहिदे पर दस्तख़त करने से इनकार कर दिया है।

अफ़्ग़ान ओहदेदारों के बमूजब साढे़ तीन लाख अफ़्ग़ान फ़ौजी मुल्क की सियानत की ज़िम्मेदारी क़बूल करने के लिए तैयार हैं। सदर अफ़्ग़ानिस्तान से मुलाक़ात के बाद वज़ीर-ए-ख़ारिजा सुषमा स्वराज ने काबुल में हिन्दुस्तानी सिफ़ारत ख़ाना की नई इमारत का इफ़्तिताह किया।

4 करोड़ अमरीकी डॉलर्स की लागत से 5 एकड़ से ज़्यादा रकबा पर क़ायम की गई है। इमारत 8,300 मुरब्बा मीटर पर क़ायम है। ये इमारत अफ़्ग़ान विज़ारत-ए-ख़ारिजा के क़रीब वज़ीर अकबर ख़ान इलाक़े में वाक़्य है।

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