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सियासतदानों पर केजरीवाल के इल्ज़ामात मतलब बरारी पर मबनी

मुंबई, १९ अक्टूबर (एजेंसीज़) रिश्वत सतानी के ख़िलाफ़ मुहिम चलाने वाले अरविंद केजरीवाल में तन्क़ीद (आलोचना/ समीक्षा) करते हुए एक साबिक़ आई पी एस ओहदेदार ने उन पर इल्ज़ाम आइद किया ( लगाया) कि है कि मुल्क के कई आला सियासतदानों पर रिश्वत सत

मुंबई, १९ अक्टूबर (एजेंसीज़) रिश्वत सतानी के ख़िलाफ़ मुहिम चलाने वाले अरविंद केजरीवाल में तन्क़ीद (आलोचना/ समीक्षा) करते हुए एक साबिक़ आई पी एस ओहदेदार ने उन पर इल्ज़ाम आइद किया ( लगाया) कि है कि मुल्क के कई आला सियासतदानों पर रिश्वत सतानी (Corruption) का इल्ज़ाम लगाने वाले केजरीवाल शरद पवार की पर्दापोशी कर रहे हैं ।

लवासा स्कैंडल “Lavasa scandal” में शरद पवार और उन के क़रीबी रिश्तेदार मुलव्वस हैं । इस सच्चाई को अरविंद केजरीवाल पोशीदा रखते हुए दीगर ( अन्य) सियासतदानों पर इल्ज़ाम तराशी कर रहे हैं । उनके ये इल्ज़ामात मतलब बरारी पर मबनी ( आधारित/ बनी) हैं ।

अरविंद केजरीवाल के साबिक़ साथी और वकील वाई पी सिंह ने इल्ज़ाम आइद किया कि केजरीवाल ने शरद पवार की बदउनवानीयों ( भ्रष्टाचारी) को बेनकाब नहीं किया है । उन की दुख़तर सुप्रिया और भतीजे अजीत पवार भी कई घोटालो ( Scams) में मुलव्वस हैं ।

साबिक़ आई पी एस ओहदेदार महाराष्ट्रा कैडर वाई पी सिंह ने जिन्होंने क़ब्लअज़ीं केजरीवाल के साथ मिलकर काम किया था । उन पर शदीद तन्क़ीद की और कहा कि वो रिश्वत के ख़िलाफ़ जो कुछ मुहिम ( अभियान) चला रहे हैं मतलब बरारी पर मबनी है ।

उन्होंने इल्ज़ाम आइद किया कि साबिक़ वज़ीर आबपाशी (former irrigation minister ) महाराष्ट्रा अजीत पवार ने महाराष्ट्रा कृष्णा वैली डेवलपमेन्ट कारपोरेशन से ताल्लुक़ रखने वाली 338 एकड़ अराज़ी ( ज़मीन) में से 141 हेक्टर्स अराज़ी ( ज़मीन) को 30 साल के लिए लेक सिटी कारपोरेशन के हवाले किया ।

ये मुआहिदा ( Agreement) सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के मुग़ाइर (प्रतिकूल/ विरोध ) है । ये कंपनी बादअज़ां लवासा कारपोरेशन के दर पर सामने आई । केजरीवाल ने अपनी प्रेस कान्फ्रेंस से क़बल कहा कि वाई पी सिंह जो कुछ कह रहे हैं में इन का एहतिराम करता हूँ लेकिन अचानक उन्होंने इस तरह बोलना शुरू क्यों किया ये नाक़ाबिल फ़हम ( समझ से बाहर) है । सिंह के रिमार्क का जवाब देते हुए एक और आई ए सी कारकुन मनीष सीशोडा ने कहा कि हम वाई पी सिंह के इन्किशाफ़ात का ख़ौरमक़दम ( स्वागत) करते हैं । ये बड़ी अच्छी बात है कि आला सियासतदानों को वो बेनकाब करना चाहते हैं । हम क़तई तौर पर नहीं जानते कि आख़िर वाई पी सिंह अचानक शरद पवार के ख़िलाफ़ ब्यानात क्यों दे रहे हैं, वो हमारे अच्छे दोस्त हैं।

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