सिलिंडर बना बम, खातून का सिर उड़ा

सिलिंडर बना बम, खातून का सिर उड़ा
छोटा गैस सिलिंडर इतवार को जान लेवा साबित हुआ। केसरी नगर की अजंता कॉलोनी में चिकेन पकाते वक़्त लीकेज की वजह से सिलिंडर में पहले आग लगी और फिर तेज धमाके के साथ वह फट गया। सिलिंडर दो हिस्सों में फटा और महिला का भेजा लेकर करीब 30 मीटर ऊपर

छोटा गैस सिलिंडर इतवार को जान लेवा साबित हुआ। केसरी नगर की अजंता कॉलोनी में चिकेन पकाते वक़्त लीकेज की वजह से सिलिंडर में पहले आग लगी और फिर तेज धमाके के साथ वह फट गया। सिलिंडर दो हिस्सों में फटा और महिला का भेजा लेकर करीब 30 मीटर ऊपर आसमान में उड़ गया।

सब कुछ इतना जल्दी हुआ कि खातून अपने में बचाव में किसी को पुकार भी नहीं सकी। सिर के बाल, मांस के टुकड़े जहां-तहां बिखर गये। धमाका इतना तेज हुआ कि कॉलोनी दहल गयी. आवाज से सहमे लोग जाये हादसा पर पहुंचे, तो वहां खून से सराबोर लाश मकान के गेट पर बिखरा पड़ा था।

पाटलिपुत्र थाना इलाक़े के केसरी नगर की अजंता कॉलोनी वाकेय रोड नंबर 24 में इंजीनियर गजेंद्र सिंह का मकान है।असल तौर से वैशाली जिले के करताहा रहने वाले लाल बाबू सिंह गुजिशता तीन माह से अपनी बीवी कांति देवी (35 साल) और दो बच्चों के साथ मिस्टर सिंह के मकान में बतौर किरायेदार रहते हैं। मजदूरी का काम करनेवाले लाल बाबू इतवार की सुबह छह बजे काम पर निकल गये थे। दिन में करीब 11 बजे उनकी बीवी कांति देवी बाजार से चिकेन लेकर आयी और उसे घर के बेड रूम में ही छोटे गैस सिलिंडर पर पका रही थी। इस दौरान सिलिंडर में लीकेज की वजह से आग पकड़ ली।

कांति देवी ने पहले आग बुझाने की कोशिश किया, लेकिन आग बुझने के बजाय और बढ़ने लगी। वह फौरन सिलिंडर को कमरे से लेकर बाहर आयी और गैलरी में रख कर गेट की तरफ भागने लगी। लेकिन वह जैसे ही जमीन पर सिलिंडर रख कर पीछे की तरफ मुड़ी कि वह तेज धमाके के साथ फट गया।

10 मिनट तक किसी को कुछ नहीं समझ में आया

सिलिंडर का आधा हिस्सा उनके सिर में टकराया और सड़क पार दूसरे मकान में भेजा सहित उड़ गया। बाउंड्री वाल, दीवार और आम के पेड़ पर गोश्त के लोथड़े चिपक गये। सिर के बाल जमीन पर बिखर गये। धमाका सुन कर पूरी कॉलोनी दहशत में आ गयी। 10 मिनट तक लोग अपने घरों व खिड़कियों से झांकते रहे। जब कुछ समझ में नहीं आया, तो लोग मिस्टर सिंह के मकान की तरफ दौड़े। मकान के अंदर दिल दहला देनेवाला नज़ारा देखने को मिला। जमीन पर खातून का लाश पड़ा था और चारों तरफ खून पसर रहा था।

दारुल हुकूमत में सिलिंडर फटने की यह दूसरी वाकिया है। मौजूद मनोरमा अपार्टमेंट के बगल में रहने वाले उमेश प्रसाद के मकान में भी बड़ा गैस सिलिंडर फट गया था। इस दौरान आग लग गयी थी, लेकिन कोई नुकसान नहीं हुई थी।

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