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सिख़‌ मज़हब की तौहीन अमरीकी अटार्नी जनरल का मर्कज़ इस्लाहात को मकतूब

अमरीकी अटार्नी प्रीत बरारा के दफ़्तर ने न्यूयार्क सिटी डिपार्टमेंट आफ़ करेक्शन ( इस्लाहात) से एक ऐसा माम‌ला रुजू किया है जो यक़ीनन किसी भी मख़सूस मज़हब से ताल्लुक़ रखने वाले शख़्स से इमतियाज़ी रवैया इख़तियार करने वालों की आँख खोल सकता

अमरीकी अटार्नी प्रीत बरारा के दफ़्तर ने न्यूयार्क सिटी डिपार्टमेंट आफ़ करेक्शन ( इस्लाहात) से एक ऐसा माम‌ला रुजू किया है जो यक़ीनन किसी भी मख़सूस मज़हब से ताल्लुक़ रखने वाले शख़्स से इमतियाज़ी रवैया इख़तियार करने वालों की आँख खोल सकता है। एक मुअम्मर सुख शख़्स को जब वो अपने बेटे से मर्कज़ इस्लाहात करेक्शन सैंटर पर मुलाक़ात करने पहुंचा तो इस से कहा गया कि वो अपनी पगड़ी उतारदे।

याद रहे कि करेक्शनल फ़ीसीलीटी का दौरा मुअम्मर सिख़‌ शख़्स गुरभेज सिंह संधू ने 2012 से कई बार किया है जहां वो अपने बेटे से मुलाक़ात केलिए आया करता था। राईट्स ग्रुपस यूनाइटेड सिख्स की जानिब से जारी किए गए एक बयान में कहा गया है कि गुरभेज सिंह जब जब वहां आता था तो सिक्योरिटी आफ़िसरान उसे पगड़ी निकालने की हिदायत करते थे हालाँकि गुरभेज सिंह ने उन्हें कई बार समझाने की कोशिश की कि पगड़ी सिख़‌ मज़हब का लाज़िमी हिस्सा है और उसे निकालना सुख मज़हब और इस के अक़ीदतमंद की तौहीन के अलावा सिख़‌ तालीमात के भी मुग़ाइर है लेकिन संधू से यही कहा जाता था कि अगर वो पगड़ी निकालने तैयार नहीं तो उसे बेटे से मुलाक़ात की इजाज़त नहीं दी जाएगी जिस के बाद मरता किया ना करता के मिस्दाक़ गुरभेज सिंह को सिक्यो‍रिटी अरकान की हिदायत पर अमल करने केलिए मजबूर होना पड़ा था।

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