Monday , September 24 2018

सिफ़ॉरतकारों के घरों से कई मुलाज़िमीन की फरारी

साल 2011 के मौसमे गर्मा में सफ़ीर मीरा शंकर की अमरीका में अपनी मीयाद मुकम्मल करने के बाद वतन वापसी से एक रोज़ क़ब्ल उन की ख़ादिमा किसी को मतला (आगाह) किए बगै़र इस शहर के मुज़ाफ़ात में उन की सरकारी क़ियामगाह से चली गई और कभी वापिस नहीं हुई।

साल 2011 के मौसमे गर्मा में सफ़ीर मीरा शंकर की अमरीका में अपनी मीयाद मुकम्मल करने के बाद वतन वापसी से एक रोज़ क़ब्ल उन की ख़ादिमा किसी को मतला (आगाह) किए बगै़र इस शहर के मुज़ाफ़ात में उन की सरकारी क़ियामगाह से चली गई और कभी वापिस नहीं हुई।

यहां निहायत राज़दारी से उमूर अंजाम देने वाले हिंदुस्तानी सिफ़ारत ख़ाना ने इस मुआमला को मीडिया से छुपाया और समझा जाता है कि पुलिस और स्टेट डिपार्टमेंट के पास बाक़ायदा शिकायत दर्ज कराने के इलावा इस ख़ादिमा के पासपोर्ट को मंसूख़ किया गया।

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