Wednesday , December 13 2017

सीएम नाराज, डीजीपी को नोटिस 24 घंटे में जवाब दें

वजीरे आला हेमंत सोरेन 19 अक्तूबर को मुनक्कीद शहीद एहतेराम तकरीब में रंगारंग प्रोग्राम और डीजीपी राजीव कुमार के रिहाइशगाह पर हुई पार्टी से नाराज हैं। हुकूमत ने डीजीपी से शो-कॉज पूछा है। 24 घंटे में तहरीरी जवाब देने को कहा है।

वजीरे आला हेमंत सोरेन 19 अक्तूबर को मुनक्कीद शहीद एहतेराम तकरीब में रंगारंग प्रोग्राम और डीजीपी राजीव कुमार के रिहाइशगाह पर हुई पार्टी से नाराज हैं। हुकूमत ने डीजीपी से शो-कॉज पूछा है। 24 घंटे में तहरीरी जवाब देने को कहा है।

झारखंडी कल्चर को नजर अंदाज किया

हुकूमत की तरफ से डीजीपी को लिखे खत में कहा गया है कि शहीद एहतेराम तकरीब को लेकर अखबारों में शाए खबर और डीजीपी समेत दीगर पुलिस अफसरों की पार्टी से मुतल्लिक़ बातें सामने आने से वजीरे आला नाराज हैं। इस तकरीब में झारखंडी कल्चर और रिवायत को नजरअंदाज किया गया। खत में कहा गया है कि वजीरे आला पूरे मामले पर डीजीपी की रद्दो अमल चाहते हैं। इधर, मंगल को दिन भर वजीरे आला की नाराजगी की खबर चर्चा में रही। शाम को डीजीपी को हटाये जाने की अफवाह भी उड़ी।

चीफ़ सेक्रेटरी के घर गये डीजीपी

इससे पहले, वजीरे आला की नाराजगी की इत्तिला मिलने के बाद मंगल सुबह डीजीपी राजीव कुमार दीगर सीनियर पुलिस अफसरों के साथ चीफ़ सेक्रेटरी सजल चक्रवर्ती के दीनदयाल नगर वाकेय रिहाइशगाह पर पहुंचे। उन्होंने चीफ़ सेक्रेटरी से वजीर आला से बात करने की दरख्वास्त किया। चीफ़ सेक्रेटरी इसके बाद वजीरे आला से मिलने गये। प्रोग्राम में हुई खामियों को लेकर पुलिस अफसरों की तरफ से माफी भी मांगी। बातचीत के दौरान वजीर आला ने चीफ़ सेक्रेटरी को अपनी नाराजगी से अवगत कराया। इस दरमियान चीफ़ सेक्रेटरी के लौटने तक पुलिस अफसर उनके रिहाइशगाह पर ही बैठे रहे। हालांकि पूछे जाने पर किसी अफसर ने कुछ नहीं कहा।

चीफ़ सेक्रेटरी ने दी थी गारंटी

प्रोग्राम से पहले ही वजीरे आला ने अपनी नाराजगी जता दी थी। पुलिस अफसरों से पूछा था कि तकरीब के लिए किससे इजाजत ली गयी है। इसके बाद चीफ़ सेक्रेटरी ने वजीरे आला को खत लिख कर प्रोग्राम में कोई गड़बड़ी नहीं होने की गारंटी ली थी। कहा था कि तकरीब में झारखंड की कल्चर दिखेगी, ख़वातीन के एहतेराम का ध्यान रखा जायेगा और फूहड़ता भी नहीं रहेगी।

इस वजह से नाराज हैं सीएम

शहीदों के नाम पर पैसों की वसूली कर मुंबई से आये आर्टिस्टों पर खर्च किये गये। इससे शहीदों के अहले खाना को कुछ हासिल नहीं हुआ
रंगारंग प्रोग्राम में जिन आर्टिस्टों को बुलाया गया, उनमें भाजपा के दो एमपी भी थे
शहीद एहतेराम तकरीब और रंगारंग प्रोग्राम की जानकारी वजीरे आला को ताखीर से दी गयी
प्रोग्राम में झारखंड के आर्टिस्टों को ज्यादा मौका नहीं दिया गया
चीफ़ सेक्रेटरी ने जो गारंटी ली थी, उसका कोई असर प्रोग्राम में नहीं दिखा

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