Tuesday , December 12 2017

सीने में जलन आँखों में तूफ़ान सा क्यों है ……?

इस शहर में हर शख़्स परेशान सा क्यों है.....

इस शहर में हर शख़्स परेशान सा क्यों है…..
उमराव जान फ़िल्म के नग़मे भी शहरयार ने ही लिखे थे और इसी से उन की शोहरत में ज़बरदस्त इज़ाफ़ा हुआ था । वो उर्दू ज़बान के बेहतरीन क़लमकारों और मारूफ़-ओ-मक़बूल तरीन फ़नकारों में शुमार किए जाते थे । वो 1996 में अलीगढ उर्दू यूनीवर्सिटी के शोबा उर्दू के सदर नशीन की हैसियत से सबकदोश हुए थे ।

अलीगढ मुस्लिम यूनीवर्सिटी के एक तर्जुमान ने बताया कि शहरयार की तदफ़ीन कल मंगल को यूनीवर्सिटी के क़ब्रिस्तान में अमल में आएगी।

TOPPOPULARRECENT