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सीमा-आंध्र क़ाइदीन के मौक़िफ़ में नरमी, कल से तेलंगाना पर मुबाहिस का आग़ाज़ मुतवक़्क़े

तेलंगाना मुसव्वदा बिल पर मुबाहिस में रुकावट पैदा करने वाले सीमा-आंध्र अरकान के मौक़िफ़ में बतदरीज नरमी देखी जा रही है और वो बिल पर मुबाहिस के आग़ाज़ पर आमादा हैं। तवक़्क़ो है कि पीर के दिन रियास्ती असेंबली और क़ानूनसाज़ कौंसिल में बिल

तेलंगाना मुसव्वदा बिल पर मुबाहिस में रुकावट पैदा करने वाले सीमा-आंध्र अरकान के मौक़िफ़ में बतदरीज नरमी देखी जा रही है और वो बिल पर मुबाहिस के आग़ाज़ पर आमादा हैं। तवक़्क़ो है कि पीर के दिन रियास्ती असेंबली और क़ानूनसाज़ कौंसिल में बिल पर मुबाहिस का आग़ाज़ हो जाएगा। वाज़ेह रहे कि 9 दिसंबर को शुरू हुए असेंबली इजलास के बाद से मुसलसल 10 दिन तक ऐवान की कार्रवाई में रुकावट पैदा की गई।

ऐवान में तेलंगाना मुसव्वदा बिल की पेशकशी के साथ ही वाई एस आर कांग्रेस पार्टी और सीमा-आंध्र से ताल्लुक़ रखने वाले कांग्रेस और तेलुगु देशम के अरकाने असेंबली मुबाहिस में रुकावट पैदा कर रहे थे। बताया जाता है कि वाई एस आर कांग्रेस पार्टी समेत दीगर जमातों के अरकाने असेंबली अब मुसव्वदा बिल पर मुबाहिस के लिए आमादा हैं।

उन का एहसास है कि बिल पर बहस के ज़रीए अपनी राय सदर जम्हूरीया तक पेश की जा सकती है जबकि बहस में हिस्सा ना लेने की सूरत में रियासत की तक़सीम के अमल में तो कोई रुकावट पैदा नहीं होगी और सीमा-आंध्र अवाम के मसाइल ऐवान में पेश नहीं हो सकेंगे।

चीफ़ मिनिस्टर किरण कुमार रेड्डी ने भी सीमा-आंध्र अरकान और वुज़रा के साथ इजलास में मुबाहिस के आग़ाज़ को यक़ीनी बनाने पर ज़ोर दिया। असेंबली के इलतवा के बाद वाई एस आर कांग्रेस पार्टी और सीमा-आंध्र के दीगर अरकान मुबाहिस के हक़ में गुफ़्तगु करते देखे गए। देखना ये है कि पीर के दिन दोनों ऐवानों में क्या वाक़ई मुसव्वदा बिल पर मुबाहिस का आग़ाज़ होगा या फिर हंगामा आराई जारी रहेगी।

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