Friday , July 20 2018

सीमा पर एक बार फिर से भारत से भिड़ने की बड़ी तैयारी में चीन

डोकलाम मामले पर मिली हार को चीन पचा नहीं पा रहा है. लिहाजा वह सीमा पर एक बार फिर से भारत से भिड़ने की बड़ी तैयारी कर रहा है. चीन सीमा पर जासूसी के लिए मानवरहित हेलिकॉप्टर और ड्रोन को तैनात करने की योजना बनाई है. खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) अपने आगामी सैन्य कार्रवाई के लिए मानवरहित हेलिकॉप्टर इस्तेमाल करने की कोशिश में जुटा हुआ है.

डोकलाम पर गतिरोध के बाद से PLA उत्तर डोकलाम में अपनी मौजूदगी को मजबूत कर रहा है. साथ ही मानवरहित ड्रोन का तेजी से परीक्षण कर रहा है. चीनी सेना के इस कदम से भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है. हालिया खुफिया रिपोर्ट में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि चीन अपने मानवरहित ड्रोन में फास्ट ट्रैक प्रोग्राम का इस्तेमाल कर रहा है.

हाल ही में एविएशन इंडस्ट्री कॉरपोरेशन ऑफ चाइना (AVIC) ने टोही ड्रोन पेश किया है. साथ ही तीन तरह के मानवरहित हेलिकॉप्टर का अटैक टेस्ट किया. AVIC ने जिन तीन तरह के मानवरहित हेलिकॉप्टर का परीक्षण किया था, उसमें शान झी निआयो (AV 500), झान लांग (AV 500W) और चा डी (XM20) शामिल हैं. खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक झान लांग एक मानवरहित हेलिकॉप्टर है, जो बम के साथ आसमान में काफी ऊंचाई तक उड़ान भरने में सक्षम है.

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि चीन सीमा पर फिर से भिड़ने की तैयारी कर रहा है. मानवरहित हेलिकॉप्टर व ड्रोन के परीक्षण और उत्तर डोकलाम में सैनिकों की मौजूदगी बढ़ाना उसकी इसी साजिश का हिस्सा लग रही हैं. आशंका तो यह भी जताई जा रही है कि चीन गर्मी आते ही सीमा पर फिर से विवाद न शुरू कर दे.

खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक झान लांग एक मानवरहित हेलिकॉप्टर है, जो बम के साथ आसमान में काफी ऊंचाई तक उड़ान भरने में सक्षम है. चीन ने इसका परीक्षण किनझाई में किया है. उसने इस मानवरहित हेलिकॉप्टर से मिसाइल लांच करने का भी ट्रायल किया, जो सफल रहा. अमेरिका और इजरायल के बाद चीन मानवरहित हेलिकॉप्टर को सेना में शामिल करने करने वाला तीसरा देश बना गया है.

TOPPOPULARRECENT