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सीरते रसूल के पैग़ाम को आम करने की ज़रूरत

निज़ामाबाद,30 जनवरी: मुस्लिम स्टूडैंट्स आर्गेनाईज़ेशन (एम एस ओ ) आफ़ इंडिया के ज़ेरे एहतिमाम मुनाक़िदा जलसा शाने रसूल का इनइक़ाद बतारीख़ 27 जनवरी बरोज़ इतवार अमल में आया जिस में मेहमान ख़ुसूसी की हैसियत से जनाब अबदुर्रशीद डिप्टी डी ई ओ का

निज़ामाबाद,30 जनवरी: मुस्लिम स्टूडैंट्स आर्गेनाईज़ेशन (एम एस ओ ) आफ़ इंडिया के ज़ेरे एहतिमाम मुनाक़िदा जलसा शाने रसूल का इनइक़ाद बतारीख़ 27 जनवरी बरोज़ इतवार अमल में आया जिस में मेहमान ख़ुसूसी की हैसियत से जनाब अबदुर्रशीद डिप्टी डी ई ओ कामा रेड्डी, मौलाना करीमुद्दीन कमाल सदर मीलाद कमेटी निज़ामाबाद, जनाब निज़ामुद्दीन, जनाब अबदुर्रशीद सिद्दीक़ी साबिक़ कमर्शियल टैक्स ऑफीसर, जनाब एम ए हलीम मौज़फ़ डिप्टी कलैक्टर‍ ओ‍ सदरुलफ़लाह एजूकेशन सोसाइटी ने शिरकत की।

जबकि जलसे की सरपरस्ती जनाब ग़ुलाम मुहम्मद ज़की शत्तारी ने की। तलबा‍ -ओ- तालिबात के कसीर मजमूआ को मुख़ातब करते हुए अबदुर्रशीद ने कहा कि असर-ए-हाज़िर इल्मी धमाके का और अपनी सलाहीयतों को ख़ूब से ख़ूब प्रवान चढ़ाने का दौर है इस इल्मी मेहनत और लगन के सबब अमरीका जैसी सूपर पाव‌र को एक अक़ल्लीयत कंट्रोल कररही है तलबा से मुख़ातब करते हुए मौलाना करीम कमाल ने कहा कि मौजूदा दौर में जहां मुख़ालिफ़तों का दौर, दौरा है लोग बात बात पर सब्र-ओ-तहम्मुल का दामन हाथ से छोड़ देते हैं ऐसे माहौल में सीरते रसूल के पैग़ाम को आम करने की ज़रूरत है।ताकि नसल नौ चाशनी मुहब्बत रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से आश्ना हो।

एम ए हलीम ने इस मौक़े पर सीरते रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के मुख़्तलिफ़ पहलूओं पर रोशनी डाली। जनाब मुहम्मद ज़कीउद्दीन शत्तारी ने इस मौक़े पर ख़िताब करते हुए कहा कि सरपरस्त हज़रात तलबा की उन की इस्तिताअत से ज़्यादा तालीमी मैदान में मुज़ाहिरे की तवक़्क़ो करते हुए दबाव ना बनाएं बल्कि अपने नौनिहालों की सलाहीयतों को पहुंचाने और उसे प्रवान चढ़ाने की कोशिश करें।

मैंबरान एम एस ओ में से सय्यद जुनैद शत्तारी ने निज़ामत के फ़राइज़ अंजाम दीए जबकि मुहम्मद हुसैन रज़ा ने एम एस ओ का तआरुफ़ पेश किया। मुज़म्मिल बामहिद ने इस्लामी मुआशरे में तलबा के किरदार पर ख़्यालात का इज़हार किया। मुहम्मद सलमान क़ादिर ने बारगाहे रिसालत मआब में हदया नाअत पेश किया।

जबकि इंतिज़ामात-ओ-इंसिराम में मुहम्मद अबदुर्रहमान, अक़ील रज़ा, मुहम्मद फ़रहान रज़ा, इर्फ़ान रज़ा, नवाज़ रज़ा, अबदूर्रज़्ज़ाक़ , नदीम रज़ा, ज़ोहेत सय्यद मुहम्मद मुकर्रम, ज़ीशान रज़वी, सुहेल और दीगर ने हिस्सा लिया। प्रोग्राम का इख़तेताम बारगाहे रिसालत में सलाह‌-ओ-सलाम और दुआ पर हुआ।

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