Wednesday , September 26 2018

सीरिया में अमेरिका और सऊदी अरब को बड़ा झटका, इस ताक़तवर देश ने दिया तुर्की को समर्थन!

सीरिया के इद्लिब शहर जिसे विद्रोहियों का गढ़ माना जाता है, इन दिनों वहां हालत बेहद गंभीर हो गये है. सीरियाई सरकार के रासायनिक हमलों से बचने के लिए आम नागरिक अपने घरों को छोधने पर मजबूर है. सीरिया में खून को नदी को बंद करने के लिए तुर्की के राष्ट्रपति रजब तय्यब एर्दोगान ने सीरिया के इद्लिब से आतंकवाद का समर्थन करने का वादा किया है जिसके समर्थन में कई देशों ने तुर्की के प्रयास के लिए अपनी आवाजों को बुलंद किया है जिसमें जर्मनी, रूस और ईरान शामिल है.

तुर्की मीडिया के मुताबिक, जर्मनी के विदेश मंत्री हेको मास ने सीरिया के इद्लिब प्रांत में मानवीय संकट को रोकने के तुर्की के प्रयासों के लिए समर्थन दिया है, जो शासन द्वारा बड़े पैमाने पर सैन्य हमले पर चिंता के बीच है. जानकारी के मुताबिक, गरुवार को बर्लिन में एक समाचार सम्मेलन में बोलते हुए मास ने कहा कि वह तुर्की की युद्धविराम पहल के लिए “बहुत आभारी” थे, और चेतावनी दी कि एक प्रमुख सैन्य हमले के परिणामस्वरूप हजारों नागरिकों की मौत हो सकती है.

उन्होंने कहा, “कल मुझे अपने रूसी सहयोगी से फिर से बात करने का मौका मिलेगा,” उन्होंने रूस पर सीरियाई शासन पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल करने के लिए रूस के आह्वान को नवीनीकृत कर दिया.

उन्होंने जोर देकर कहा, “हमें इद्लिब के आसपास मानवतावादी आपदा को रोकने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए.” मास शुक्रवार को बर्लिन में अपने रूसी समकक्ष सेर्गेई लावरोव से मिलने के लिए तैयार है.

चांसलर एंजेला मार्केल के प्रवक्ता ने बुधवार को जोर देकर कहा कि सीरिया में संघर्ष विराम रूस के सक्रिय समर्थन के साथ ही संभव हो सकता है. स्टीफन सेबर्ट ने बर्लिन में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “रूस और ईरान, संघर्ष पक्षों के रूप में, विशेष जिम्मेदारी लेते हैं.”

तुर्की सीमा के नजदीक स्थित इद्लिब प्रांत 3 मिलियन से अधिक सिरियाई लोगों का घर है, जिनमें से कई शासन बलों द्वारा हमलों के बाद अन्य शहरों से भाग गए हैं.

TOPPOPULARRECENT