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सीरिया हमलाः रूस ने तीसरे विश्व युद्ध की जताई आशंका

Participants of the Conference on International Security gather together near a big screen showing a Russian warplane unloading its weapons over target in Syria, prior to the session in Moscow, Russia, Wednesday, April 4, 2018. Top Russian defense and security officials on Wednesday launched diatribes at the West, accusing it of fomenting a new Cold War in a bid to retain waning influence in global affairs. (AP Photo/Alexander Zemlianichenko)

सीरिया पर अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस के हमले के बाद दुनिया के देशों में तनातनी बढ़ती जा रही है। इस हमले के बाद रूस ने तीसरे विश्व युद्ध की आशंका जताई है। रूस के टीवी चैनल ‘रोसिया-24’ ने अपने दर्शकों से युद्ध के लिए बंकरों में खाने पीने का सामन रखने की बात कही। चैनल ने लोगों को पर्याप्‍त मात्रा में आयोडीन का बंदोबस्‍त करने की सलाह दी है। ये इस लिए ताकि रेडिएशन के खतरों से बचा जा सके।

बंकरों में रखें खाने-पीने का सामान 

आपको बता दें कि सीरिया पर हमले को लेकर अमेरिका और रूस के बीच मतभेद बढ़ते जा रहे हैं। ‘रोसिया-24’ की इस रिपोर्ट का इस वक्‍त आना इस बात को दर्शाता है कि रूस तीसरे विश्‍वयुद्ध की तैयारियों में जुट गया है।

चैनल की ओर से लोगों को बंकरों में क्‍या सामन रखना है और क्‍या नहीं इसकी पूरी जानकारी दी जा रही है। बताया गया कि लोग बंकरों में चावल इकट्ठा करें, क्‍योंकि ये आठ वर्षों तक सुरक्षित रह सकता है। इसके साथ ही लोगों से बंकरों को दवाइयों का इंतजाम रखने की भी सलाह दी गई।

100 मिसाइलों से हमला

गौरतलब है कि गृह युद्ध की आग में झुलसे सीरिया में मिसाइल हमले शुरू हो चुके हैं। सीरिया में केमिकल हमले के जवाब में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को मिसाइल हमले का आदेश दिया है। इसके बाद सीरिया की राजधानी दमिश्क पर शनिवार तड़के 100 से ज्यादा मिसाइलों ने हमला किया। सीरिया के खिलाफ इस बड़ी कार्रवाई में अमेरिका के साथ फ्रांस और ब्रिटेन भी शामिल हैं।

ट्रंप बोले, शुक्रिया
डोनाल्‍ड ट्रंप ने ट्वीट किया कि, ‘बीती रात अच्‍छी तरह से एयर स्‍ट्राइक हुआ। फ्रांस और यूके का साथ देने के लिए शुक्रिया। इससे बेहरत परिणाम नहीं हो सकता। मिशन पूरा हुआ।’

सीरिया ने की हमलों की निंदा

सीरिया के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों की निंदा की है और कहा कि अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों का गंभीर उल्लंघन किया है. मंत्रालय ने कहा है कि अभी केमिकल हमले के आरोपों की जांच ही चल रही है और ये हमले बताते हैं कि अमेरिका असद सरकार पर केमिकल हमले के अपने झूठे आरोपों को छिपाने की कोशिश में है।

डूमा में हुआ था रासायनिक हमला

पिछले हफ्ते सीरिया के डूमा में केमिकल हमला हुआ था, जिसकी चपेट में बच्चों और महिलाओं समेत करीब 500 लोग आए थे। इसकी दुनिया भर में कड़ी निंदा हुई थी. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस केमिकल हमले का आरोप रूस, ईरान और सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद पर लगाया था।

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