Tuesday , April 24 2018

सीलिंग के खिलाफ़ दिल्ली के व्यापारीयों ने 28 मार्च को बुलाया बंद, करेंगे महारैली

राष्ट्रीय राजधानी में जारी सीलिंग के प्रति अपना आक्रोश तथा विरोध जाहिर करने के लिए सात लाख से अधिक व्यापारिक प्रतिष्ठान 28 मार्च को अपना कारोबार बंद रखेंगे और रामलीला मैदान में आयोजित महारैली में शामिल होंगे। व्यापारियों की मांग है कि सरकार कम से कम एक साल के लिए सीलिंग पर अविलंब रोक लगाए।

अखिल भारतीय व्यापारी परिसंघ (कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने आज यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन में सीलिंग के कारण व्यापारियों की परेशानियों का जिक्र करते हुए कहा कि अगर स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो व्यापारी अपनी दुकान की चाभी सरकार को देकर पड़ोसी राज्यों में अपना कारोबार चलाएंगे और इससे दिल्ली सरकार को राजस्व की भारी हानि उठानी पड़ेगी।

उन्होंने कहा कि इन तीन माह में व्यापार में लगभग 40 फीसदी की गिरावट आई है और हालत अगर ऐसी ही रही तो व्यापारी पलायन के लिए मजबूर होंगे। उनकी मांग है कि दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार विधानसभा के चालू सत्र में सीलिंग पर रोक लगाने का विधेयक या अध्यादेश पारित करके उसे मंजूरी के लिए केंद्र सरकार के पास भेजे। उन्होंने 351 सड़कों को तुरंत अधिसूचित करने की मांग करते हुए कहा कि इससे व्यापारियों को लाभ होगा।

खंडेलवाल ने कहा कि दिल्ली में मनमाने तरीके से सीलिंग की जा रही है। दिल्ली में अब तक 6,000 दुकानें सील की गई हैं। सीलिंग करने वाले यह भी नहीं देख रहे कि दुकान कितनी पुरानी या नई है। उन्होंने अमर कॉलोनी में एक डॉक्टर का क्लीनिक भी सील कर दिया। उन्होंने कहा कि उनकी मांग है कि सील की गयी दुकानें खोलीं जाएं।

उन्होंने बताया कि किसी सील की हुई दुकान को खोलना भी उतना ही मुश्किल है। इसका खामियाजा भी व्यापारियों को ही उठाना पड़ता है। उन्हें पहले एक लाख रुपए मॉनिटरिंग कमेटी के पास जमा करने होते हैं और तब उनकी दुकान की सील खोलने का आवेदन स्वीकार होता है।

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