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सीसीएल में फर्जी ढंग से मुलाज़मत पाने वालों के यहां छापे

रांची : सीसीएल को जमीन देने के बदले मुलाज़मत पाने के मामले में बड़ा फर्जीवाड़ा किया गया है। इसका खुलासा करते हुए सीबीआई रांची की टीम ने जुमा को करीब एक दर्जन लोगों के घरों पर छापेमारी की। रांची, रामगढ़ और रजरप्पा में चलाए गए छापेमारी मुहीम में कई अहम् दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
इब्तेदाई तहकीकात में ही सीबीआई को यह जानकारी मिली है कि सीओ दफ्तर की मिलीभगत से कई लोगों ने दूसरे की जमीन के कागजात अपने नाम पर बनवा लिए और मुताल्लिक सख्श का वंशज बनकर नौकरी हासिल कर ली।

सीसीएल की बंदोबस्त पॉलिसी 2012 में तजवीज है कि किसी सख्श के पास दो एकड़ से कम जमीन है, तो वह पैकेज डील के तहत दूसरे के साथ अपनी जमीन को जोड़ सकता है। दोनों की जमीन मिलाकर दो एकड़ हो जाए, तो एक सख्श को नौकरी मिलेगी।

सीसीएल के रजरप्पा एरिया में 24 एकड़ जमीन एक्वायर की गई। यह तीन अहले खाना मरुहुम कोमल तिर्की, मरहूम दुलाल मांझी और मरहूम धनराम महतो की थी। ट्रिपमैन ओहदे पर काम कर रहे ठाकुर दास महतो ने फर्जी हलफ़ ख़त दाखिल किया।
उसने रामगढ़ के सीओ दफ्तर से एक फर्जी वंशावली सर्टिफिकेट बनवाया, जिसके मुताबिक अखिलेश कुमार पिंगले और सुलेखा कुमारी ट्रिपमैन ठाकुर दास महतो के वालिद मरहूम धनराम महतो के बेटे हैं। इसी बुनियाद पर अखिलेश और सुलेखा ने जनरल मजदूर केटेगरी- वन की नौकरी हासिल कर ली। इसी तरह मरहूम कोमल तिर्की के वंशज के तौर में चंदन कुमार, मीरा कुमारी, अरभिंग एक्का और बंधन मुंडा ने अपना सर्टिफिकेट बनवा लिया। ये लोग भी सीसीएल के रजरप्पा प्रोजेक्ट में काम कर रहे हैं। सीबीआई ने इन तमाम के घरों को खंगाला। अखिलेश कुमार पिंगले का घर रांची के बरियातू इलाके में है।

 

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