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सी बी आई की तवज्जा सयासी क़ाइदीन पर मर्कूज़

हैदराबाद ३० नवंबर (सियासत न्यूज़) ओबलपुरम माइनिंग स्क़ाम संगीन रुख इख़तियार कररहा है। अब तक तहक़ीक़ात आला ओहदेदारों के दरमयान मंडला रही थी। सी बी आई के निशाना पर सयासी क़ाइदीन आ रहे हैं।

हैदराबाद ३० नवंबर (सियासत न्यूज़) ओबलपुरम माइनिंग स्क़ाम संगीन रुख इख़तियार कररहा है। अब तक तहक़ीक़ात आला ओहदेदारों के दरमयान मंडला रही थी। सी बी आई के निशाना पर सयासी क़ाइदीन आ रहे हैं।

बिलख़सूस रियास्ती वज़ीर-ए-दाख़िला मिसिज़ सबीता इंदिरा रेड्डी से भी पूछताछ होने की क़ियास आराईयां ज़ोरों से चल रही हैं। ओबपुरम माइनिंग स्क़ाम मंज़रे आम पर आते ही साबिक़ वज़ीर कर्नाटक मिस्टर गाली जनार्धन रेड्डी और उन के भाई जेल पहूंच गए हैं।

इस वक़्त ओबलापोरम माइनिंग लीज़ के मुआमला में अहम रोल अदा करने वाले आला ओहदेदार मिस्टर राज गोपाल और मिसिज़ सिरी लक्ष्मी भी जेल पहूंच गए हैं। बावसूक़ ज़राए से पता चला है कि दोनों ओहदेदारों ने दबाओ के बाइस फाईल पर दस्तख़त करने का सी बी आई के सामने दावा किया है।

सी बी आई ने अपनी रीमांड डायरी में इस वक़्त के रियास्ती वज़ीर माइनिंग की जी ओ पर दस्तख़त होने का तज़किरा किया है। डाक्टर वाई ऐस राज शेखर रेड्डी के दौर-ए-हकूमत 2007 -ए-के दौरान जब जी औज़ जारी हुए थे उस वक़्त मौजूदा रियास्ती वज़ीर-ए-दाख़िला मिसिज़ सबीता इंदिरा रेड्डी रियास्ती वज़ीर माइनिंग के ओहदा पर फ़ाइज़ थीं और सबीता इंदिरा रेड्डी और मिसिज़ सिरी लक्ष्मी ने एक ही दिन जी ओ पर दस्तख़त किए थे जिस के बाद रियास्ती वज़ीर-ए-दाख़िला से सी बी आई की पूछताछ और तहक़ीक़ात को हरगिज़ नजरअंदाज़ नहीं किया जा सकता क्यों कि क़वाइद को नजरअंदाज़ करके गाली जनार्धन रेड्डी से तआवुन करने का आला ओहदेदारों पर इल्ज़ाम आइद है और इस मुआमला में तमाम सबूतों का जाइज़ৃ लेने के बाद सी बी आई ने दोनों ओहदेदारों को गिरफ़्तार किया है और उन से पूछताछ में जो बातें सामने आई हैं इस को बुनियाद बनाकर आगे बढ़ने का मंसूबा तैय्यार कर रही है।

दूसरी तरफ़ अप्पोज़ीशन जमातें भी ओबलापोरम माइनिंग मुआमला में ओहदेदारों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने और इस वक़्त के मुताल्लिक़ा वज़ीर को नजरअंदाज़ करने पर सवालिया निशान उठा रहे हैं। वाज़िह रहे कि चंद दिन क़बल सी बी आई ने अपने दफ़्तर तलब करके सरबराह वाई ऐस आर कांग्रेस मिस्टर जगन मोहन रेड्डी से भी पूछताछ की थी। इस से क़बल रियास्ती वज़ीर-ए-दाख़िला से भी पूछताछ की गई थी।

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