सुनंदा की मौत का राज़ और गहराया, दोनों हाथों पर थे चोट के निशान

सुनंदा की मौत का राज़ और गहराया, दोनों हाथों पर थे चोट के निशान
सुनंदा पुष्कर थरूर की मौत के वजुहात का अभी तक खुलासा नहीं हो सका है, मगर इसमें राज़ और गहरा होता जा रहा है। बीते दिन जो पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई थी, उसमें यह ज़िक्र किया गया कि सुनंदा के दोनों हाथों पर दर्जन भर से ज़्यादा चोट के निशा

सुनंदा पुष्कर थरूर की मौत के वजुहात का अभी तक खुलासा नहीं हो सका है, मगर इसमें राज़ और गहरा होता जा रहा है। बीते दिन जो पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई थी, उसमें यह ज़िक्र किया गया कि सुनंदा के दोनों हाथों पर दर्जन भर से ज़्यादा चोट के निशान थे। इनके इलावा उनके बाएं गाल भी पर मामूली चोट का निशान का ज़िक्र है।

हालाकि रिपोर्ट में इन चोटों से मौत होने से इनकार किया गया है। इस बीच, पुलिस उनके शौहर शशि थरूर से “जांच” में शामिल होने के लिए कह सकती है। एक दिन पहले ही एक मजिस्ट्रेट ने इस हाई प्रोफाइल मामले के कत्ल और खुदकुशी दोनों पहलुओं की जांच के लिए कहा था।

एम्स में सुनंदा की लाश का पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टरो ने कहा कि उनकी मौत “अचानक और गैर मामूली” थी और मौत “दवा की ज़्यादा खुराक” लेने से हुई जिसे दूसरे लफ्ज़ो में ओवरडोज कहा जा सकता है।

ज़यारे का कहना है कि जांच करने वाले आफीसर एसडीएम की रिपोर्ट की “पडताल” कर रहे हैं ताकि आगे के कदम के बारे में फैसला किया जा सके। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में “जहर” के सबब मौत होने की बात की गई थी। इसके साथ ही 52 साल की सुनंदा की मौत को “अचानक और गैरमामूली” बताया गया था। ज़राये ने कहा कि पुलिस ताजीरात ए हिंद की दफा 160 के तहत थरूर और दूसरे 11 लोगों को जांच में शामिल होने के लिए कह सकती है।

इन 11 लोगों में सुनंदा के भाई और बेटा भी शामिल हैं। यह पूछे जाने पर कि थरूर से पूछताछ की जाएगी तो ज़राये ने कहा कि पुलिस उन हालात और वजूहात की जांच कर रही है जिनसे सुनंदा की मौत हुई तथा अगर जरूरत पडी को थरूर से कुछ चीजों को वाजेह करने के लिए कहा जा सकता है।

उधर, सुनंदा के बेटे शिव मेनन ने अपनी वालिदा की मौत के ताल्लुक में लगाई जा रही अलग अलग तरह की अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए बुध के रोज़ को कहा था कि वह “बहुत मजबूत” थीं और खुदकुशी नहीं कर सकतीं। मेनन ने कहा कि उनकी वालिदा की मौत मीडिया की खबरों के सबब पैदा हुए दबाव , तनाव और दवा के इस्तेमाल की गडबडी की बदकिस्मती से हुई।

21 साला मेनन सुनंदा और उनके साबिक शौहर के बेटे हैं। उन्होंने कहा कि शशि थरूर और उनकी वालिदा के बीच “कभी कभार होने वाले इख्तेलाफात ” के बावजूद “काफी मुहब्बत” थी।

उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि मरकज़ी वज़ीर उनकी वालिदा को जिस्मानी तौर पर नुकसान पंहुचा सकते थे। मेनन ने कहा कि इन अटकलों को तो छोड ही दीजिए कि उन्होंने उनकी जान ली होगी, मुझे यह भी यकीन नहीं हो सकता कि शशि उनको नुकसान पहुंचाने में काबिल थे। सुनंदा गुजश्ता जुमे की रात जुनूबी दिल्ली के एक पांच सितारा होटल में मुर्दा पाई गई थी।

थरूर के साथ मुबय्यना तौर पर ताल्लुकात को लेकर पाकिस्तानी सहाफी मेहर तरार के साथ एक दिन पहले टि्वटर पर उनकी तकरार हुई थी। उधर, ज़राये ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दो दवाओं के मिलने की शिनाख्त की गई। इन दवाओं के ज़्यादा इस्तेमाल से सुनंदा की मौत हुई।

मामले की जांच कर रहे सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट ने पुलिस को हिदायत दिये थे कि वह इस मामले के कत्ल और खुदकुशी दोनों पहलुओं से गहराई से जांच करे।

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