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सुनामी का सामना करने में सक्षम बनाने के लिए वैज्ञानिकों को तटीय राज्यों से जुड़ना चाहिए: वैंकेया नायडु

उपराष्ट्रपति एम. वैंकेया नायडु ने लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए वैज्ञानिक संगठनों से आग्रह करते हुए कहा कि उन्हें पृथक होकर नहीं बल्कि तालमेल के साथ कार्य करना चाहिए।

वे हैदराबाद में भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केन्द्र (आईएनसीओआईएस) तथा राष्ट्रीय सुनामी चेतावनी केन्द्र के वैज्ञानिकों के साथ संवाद कर रहे थे। तेलंगाना के उप-मुख्यमंत्री श्री मोहम्मद महमूद अली तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि वे महासागर पर्यवेक्षण, सूचना तथा परामर्श सेवाओं के क्षेत्र में वैज्ञानिकों के कार्य से काफी प्रभावित हैं। उन्होंने वैज्ञानिकों से कहा कि वे उन्हें एनडीएमए, तटीय राज्यों तथा उनके आपदा प्रबंधन इकाईयों के साथ मिलकर कार्य करना चाहिए ताकि तटीय समुदायों को सुनामी का सामना करने के लिए सक्षम बनाया जा सके।

राष्ट्रीय सुनामी चेतावनी केन्द्र में उपराष्ट्रपति ने सुनामी अलर्ट तथा सुनामी पर किए जा रहे अनुसंधान कार्यों के बारे में पूछताछ की। आईएनसीओआईएस के निदेशक डॉ. सतीश सी.शेनोई ने सुनामी चेतावनी केन्द्र के गतिविधियों की जानकारी दी।

उपराष्ट्रपति ने आईएनसीओआईएस की प्रशंसा करते हुए कहा कि इसने भारतीय तटीय इलाकों में बसे 5.79 लाख मछुआरों को उनके स्थानीय भाषाओं में चेतावनियां उपलब्ध कराई। इन चेतावनियों की मदद से मछुआरों के फीशिंग-टाइम में 60 से 70 प्रतिशत की बचत हुई और उनका लाभ दो से तीन गुना बढ़ गया।

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