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सुप्रीम कोर्ट की हिदायत पर बे घरों के लिए रैन बसेरों की तामीर

नई दिल्ली,१६ दिसम्बर: (एजैंसीज़) सुप्रीम कोर्ट ने कल रियास्ती हुकूमतों को हिदायत जारी की है कि काबिल-ए-क़दर तादाद में रैन बसेरों की तामीर अमल में लाएंगे ताकि इस बात को यक़ीनी बनाया जा सके कि किसी भी बेघर शख़्स को इस सर्दी के मौसम में

नई दिल्ली,१६ दिसम्बर: (एजैंसीज़) सुप्रीम कोर्ट ने कल रियास्ती हुकूमतों को हिदायत जारी की है कि काबिल-ए-क़दर तादाद में रैन बसेरों की तामीर अमल में लाएंगे ताकि इस बात को यक़ीनी बनाया जा सके कि किसी भी बेघर शख़्स को इस सर्दी के मौसम में खुले आसमान के नीचे ना सोना पडे।

जस्टिस दीपक मिश्रा और जस्टिस दलवीर भंडारी के बंच ने हुकूमतों को हिदायत दी है कि वो अपनी रियास्तों में चल रहे रैन बसेरों को सूरत-ए-हाल पर आइन्दा साल जनवरी तक तफ़सीली रिपोर्ट पेश करें।

बंच ने मुख़्तलिफ़ रियास्तों के लिए अलहदा अलहदा हिदायात जारी कीं। बंच ने चीफ़ सैक्रेटरीज़ से इस बात को यक़ीनी बनाने को कहा कि बे घरों और ग़रीब अफ़राद के लिए ख़ातिरख़वाह तादाद में आश्रम स्थल बनाए जाएं।

दिल्ली के लिए हिदायत जारी करते हुए बंच ने कहा कि हम चीफ़ सैक्रेटरी को हिदायत देते हैं कि वो निगरानी करें और इस बात को यक़ीनी बनाये‍ कि ख़ातिरख़वाह तादाद में रैन बसेरों की तामीर अमल में आए और ज़रूरतमंदों को इन बसेरों में रहने की सहूलयात फ़राहम की जाएं ताकि लोग पटरियों और पार्कों में रात गुज़ारने पर मजबूर ना हों। दीगर रियास्तों केलिए भी अदालत ने इस तरह की हिदायात जारी कीं और मुआमले अगली समाअत की तारीख़ 9 जनवरी मुतय्यन की।

इस दिन वो हालात का जायज़ा लेगी। इस अदालत-ए-उज़्मा ने ये हिदायत पीयू सी ईल की जानिब से दायर करदा अर्ज़ी पर दिया।

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