Wednesday , December 13 2017

सुप्रीम कोर्ट के 2G स्क़ाम फ़ैसले से दीगर शोबे मुतास्सिर होंगे

कपिल सिब्बल (kapil sibal) का ब्यान, ई डी, आई टी और सी बी आई के सरबराह सी वे सी के इजलास पर 2G तहक़ीक़ात के बारे में तबादला-ए-ख़्याल करेंगे सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला जिसके तहत पहले आओ पहले पाओ की बुनियाद पर जारी कर्दा 122 मुवासलाती लाईसें0स मंसूख़ करन

कपिल सिब्बल (kapil sibal) का ब्यान, ई डी, आई टी और सी बी आई के सरबराह सी वे सी के इजलास पर 2G तहक़ीक़ात के बारे में तबादला-ए-ख़्याल करेंगे सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला जिसके तहत पहले आओ पहले पाओ की बुनियाद पर जारी कर्दा 122 मुवासलाती लाईसें0स मंसूख़ करने के फ़ैसले से दीगर शोबे जैसे कानकनी के भी मुतास्सिर होने का अंदेशा है क्योंकि इन शोबों में भी यही उसूल इख्तेयार किया गया था।

मर्कज़ी वज़ीर-ए-मवासलात कपिल सिब्बल ने कहा कि वो बार बार कहते रहे हैं कि ये फ़ैसला दूररस असरात का हामिल है। इस के असरात ना सिर्फ मुवासलात बल्कि दीगर शोबों पर भी मुरत्तिब होंगे। सुप्रीम कोर्ट ने इस वक़्त के मर्कज़ी वज़ीर-ए-मवासलात ए राजा के मुख़तस किए हुए लाईसेंसों को मंसूख़ करते हुए कहा था कि नीलाम कमयाब क़ुदरती वसाइल मुख़तस करने का बेहतरीन तरीक़ा है।

अदालत ने ये भी वाज़िह कर दिया था कि क़ुदरती वसाइल चाहे क़ाबिल तजदीद हूँ या नाक़ाबिल तजदीद इसी उसूल के तहत आयेंगे। कपिल सिब्बल ने मज़ीद कहा कि हुकूमत फ़ैसले के असरात का जायज़ा ले रही है और मुस्तक़बिल की कार्रवाई पर भी ग़ौर कर रही है।

उन्होंने कहा कि अगर हम किसी ख़ास मादिन की कानकनी चाहते हैं और हमें पता चलता है कि ये मादिन कितनी मिक़दार में ज़मीन में किस मुक़ाम पर दस्तयाब हो सकता है, और ये भी नहीं जानते कि कौन से सनअत कार आगे आयेंगे और उनकी कामयाबी के कितने इमकानात हैं।

अगर सनअत कार 60 करोड़ अ,एरीकी डालर ख़र्च करके मादिन दरयाफ्त करता है तो क्या इस सिलसिला में नीलाम की पालिसी कामयाब रहेगी। इस सवाल का जायज़ा लेना ज़रूरी है। वज़ीर-ए-मवासलात ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का मुल्क में आइन्दा सरमाया कारी तक असर मुरत्तिब होगा।

हम इन सब पहलूओं का जायज़ा लेंगे और उनकी यकसूई करेंगे। दरीं असना 2G स्कैंडल की तहक़ीक़ात में तेज़ रफ़्तार पैदा हो गई है क्योंकि सेंटर्ल वीजिल्नेस कमीशन (सी वि सी) ने तमाम मुताल्लिक़ा तहक़ीक़ाती महिकमों के सरबराहों को अपने इजलास पर तलब किया है।

ताकि मज़ीद तहक़ीक़ात के ख़ाके और इसके मौक़िफ़ से वाक़िफ़ हो सके। ज़राए के बमूजब इंफ़ोर्समेंट डावर कट् टू रेट (ई डी) , इनकम टैक्स (आई टी) और मर्कज़ी महिकमा सुराग़ रसानी (सी बी आई) के सरबराहों को मुवासलाती कंपनीयों को आइन्दा स्पेक्ट्रम मुख़तस करने की तहक़ीक़ात का जायज़ा लेने तलब किया गया है।

TOPPOPULARRECENT