Friday , April 20 2018

सुप्रीम कोर्ट जैसा कहा है तीन तलाक़ बिल पर वैसा नहीं किया गया- शरद यादव

किशनगंज। जदयू के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव इन दिनों संवाद यात्रा पर हैं. इस दौरान वह बिहार के विभिन्न जिलों में लोगों से मिलकर अपनी बात रख रहे हैं. इसी क्रम में शरद यादव गुरुवार को बिहार के किशनगंज जिले में पहुंचे थे.

उन्होंने वहां मीडिया से बातचीत में नरेंद्र मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि वह इस्लामी विद्वानों से विचार-विमर्श किये बगैर फौरी तीन तलाक पर विधेयक लाकर अपनी मर्जी थोपना चाह रही है.

जदयू के एक अन्य बागी नेता अली अनवर के साथ यहां आये शरद ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि तीन तलाक पर कोई भी कानून इस्लामी विद्वानों से विचार-विमर्श पर आधारित होना चाहिए.

हाल ही में राज्यसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित किए गए जदयू के बागी शरद और अनवर ने आज लोकसभा में पेश किये गये तीन तलाक विधेयक की आलोचना की.

शरद ने यहां पत्रकारों से कहा, सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि तीन तलाक पर कोई भी कानून इस्लामी विद्वानों के साथ विचार-विमर्श पर आधारित होना चाहिए.

लेकिन लोकसभा में विधेयक पेश करने से पहले ऐसा कुछ नहीं किया गया. शरद ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली सरकार सदन में विधेयक पेश कर अपनी मर्जी थोपना चाह रही है और अपने बचाव में इधर-उधर की बातें कर रही है.

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