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सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर किये जाने पर मुझे कोई परवाह नहीं : शहाबुद्दीन

नयी दिल्ली/सीवान : बिहार सरकार ने विशेष अनुमति याचिका दायर कर पटना हाइकोर्ट द्वारा शाहबुद्दीन को दी गयी जमानत को रद्द करने की अपील की है. इस पर अगले हफ्ते सुनवाई होगी. शहाबुद्दीन ने खुद के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर किये जाने पर कहा कि मुझे इसकी परवाह नहीं है. उन्होंने कहा कि परेशान उन्हें किया जाता है, जो परेशान होता है. मैं परेशान नहीं होता हूं. इससे पहले आज चंद्रकेश्वर प्रसाद उर्फ चंदा बाबू ने भी सुप्रीम कोर्ट में अपील की है. सीवान में पूर्व सांसद शहाबुद्दीन पर चंद्रकेश्वर प्रसाद के तीन बेटों की हत्या का आरोप है. इनकी ओर से राजद नेता शहाबुद्दीन की जमानत रद्द करने की मांग करने वाली याचिका को आज सुप्रीम कोर्ट में जाने-माने वकील प्रशांत भूषण ने दाखिल किया. इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को सुनवाई होगी.

देश के प्रख्यात वकील प्रशांत भूषण ने चंदा बाबू के वकालतनामे के हस्ताक्षर वाली कॉपी मिलने के बाद आज शहाबुद्दीन की जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की. भूषण यह याचिका सीवान के चंद्रकेश्वर प्रसाद उर्फ चंद्रा बाबू की तरफ दाखिल की. इस याचिका में शहाबुद्दीन की जमानत रद्द करने की मांग की गयी है. इससे पहले मीडिया से बातचीत के दौरान चंदा बाबू ने कहा था कि वे न्याय के लिए आखिरी सांस तक लड़ते रहेंगे. सहयोग मिलेगा तो हम जिंदा भी रहेंगे. उल्लेखनीख है कि 16 अगस्त 2004 को सीवान के जाने-माने व्यवसायी चंदाबाबू के दो लड़के सतीश राज और गिरीश राज का अपहरण कर लिया गया था और तेजाब से नहलाकर उनकी हत्या कर दी गयी थी. इसका आरोपी शहाबुद्दीन को बनाया गया था.

मृतक के तीसरे भाई राजीव रौशन ने खुद को घटना का चश्मदीद गवाह बताते हुए पूरी घटना की सूचना कोर्ट में दी थी. उसके इस बयान पर ही पिछले वर्ष 11 दिसंबर को सीवान सिविल कोर्ट ने तेजाब कांड में शहाबुद्दीन को दोषी बताते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई गई थी. 16 जून 2014 को सीवान के डीएवी कॉलेज मोड़ पर हुए तेजाब कांड के एकमात्र चश्मदीद गवाह राजीव रौशन की भी गोली मारकर हत्या कर दी गयी.

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