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सुप्रीम कोर्ट से भी बडी होगी रांची हाईकोर्ट की नयी इमारत

रांची 21 अप्रैल : एचईसी (हेवी इंजीनियरिंग कार्पोरेशन) अहाते में बनने वाला झारखंड हाईकोर्ट मुल्क का सबसे बड़ा और जदीद सहूलतों वाला कॉम्पलेक्स होगा। हाईकोर्ट की नयी इमारत सुप्रीम कोर्ट से भी बड़ी होगी। एचईसी के तिरिल में अक्टूबर से

रांची 21 अप्रैल : एचईसी (हेवी इंजीनियरिंग कार्पोरेशन) अहाते में बनने वाला झारखंड हाईकोर्ट मुल्क का सबसे बड़ा और जदीद सहूलतों वाला कॉम्पलेक्स होगा। हाईकोर्ट की नयी इमारत सुप्रीम कोर्ट से भी बड़ी होगी। एचईसी के तिरिल में अक्टूबर से तामीरी काम शुरू होना है। टेंडर फाइनल होने के बाद इसका तामीरी काम साढ़े तीन साल के अंदर पूरा किया जाएगा। दिल्ली की एनॉर्क कंपनी को कंसल्टेंसी का काम दिया गया है।

प्लान मंज़ूर होने के दो माह में डीपीआर तैयार किया जाएगा। इसके बाद टेंडर निकाला जाएगा। अहाते की चहारदीवारी की तामीर का काम आखरी मरहले में है। खास बात ये है कि हाईकोर्ट के प्रोजेक्ट को अगले 50 सालो की जरूरतों को ज़ेहन में रखकर बनाया गया है। खासतौर से जरूरत पडऩे पर इसमें 20 नए कोर्ट रूम की तामीर भी करायी जा सकेगी ।

10 साल का सपना
एचईसी आहते में हाईकोर्ट की नयी ईमारत बनाने का ख्वाब हक़ीकत में बदलने में तक़रीबन 10 साल लग गए। साल 2003 में एचईसी को बेचने के लिए बीआईएफआर ने सिफ़ारिश की थी। इसके बाद मामला कोर्ट में पहुंचा। मर्कज रियासती हुकूमत की कोशिश से एचईसी फिर मुनाफे में लौटी। इसी मामले में 2500 एकड़ जमीन रियासती हुकूमत को मुन्तक़िल हुई थी। इसमें 300 एकड़ जमीन हाईकोर्ट के लिए देने की बात कही गई थी। साल 2012 में हुकूमत ने इसके लिए 168 एकड़ जमीन तक़सीम की।

फरवरी में हुआ संग बुन्याद
हाईकोर्ट के नए ईमारत की बुन्याद नौ फरवरी को रखी गई थी। इस मौके पर हिंदुस्तान के चीफ जस्टिस अल्तमस कबीर व मर्कजी वजीर ए कानून डॉ. अश्वनी कुमार रांची आए थे।

सहलात सलामती पर भी जोर
अहाते में कैंटीन, पोस्ट ऑफिस और बैंक भी होंगे। एटीएम, रेलवे रिजर्वेशन काउंटर और जदीद डिस्पेंसरी भी बनेगी। माहौलयाति दोस्ताना माहौल बनाए रखने पर होगा फोकस। जज, वकील, मुवक्किल के लिए अलग-अलग होगी पार्किंग का इन्तेजाम । सलामती के लिए बनाई जाएगी बैरक।

जजों के 20 कोर्ट रूम और चैंबर बनेंगे। चीफ जस्टिस का कोर्ट 80 & 65 फीट का। हाईकोर्ट जजों के लिए 20 रेहाय्स बनेंगे। ऑडिटोरियम और कॉन्फ्रेंस रूम होंगे खास। बार काउंसिल और महाधिवक्ता दफ्तर के अलावा 500 वकीलों को मिलेगा चैंबर।

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