Friday , December 15 2017

सुशासन का दावा करने वाले नीतीश सरकार में करोड़ों का शौचालय घोटाला, दोषी डीएम को किया गया निलंबित

पटना। नीतीश कुमार की सरकार को सुशासन बाबू की सरकार कही जाती है। घोटालों से नहीं समझौता करने वाले नीतीश कुमार के दावे की हवा निकल गई है। टॉपर्स घोटला वाले बिहार में अब 13 करोड़ रुपए के शौचालय घोटाला हुआ है।

पटना में शौचालय बनाने के नाम पर स्वयंसेवी संस्थाओं (एनजीओ) द्वारा 13 करोड़ रुपये की राशि के बंदरबांट का मामला प्रकाश में आया है। आरोप है कि पटना में शौचालय बनाने का पैसा लाभार्थियों को सीधे खाते में भेजने के बजाय लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) ने तीन स्वयंसेवी संस्थाओं के खाते में भेज दिया।

पटना के जिलाधिकारी संजय अग्रवाल ने बताया कि वित्त वर्ष 2012-13, 2013-14 और 2014-15 में शौचालय बनाने की राशि लाभार्थियों के बजाय सीधे एनजीओ के खाते में ट्रांसफर किया गया। उन्होंने बताया कि 15 दिनों पूर्व विभागीय समीक्षा के दौरान यह वित्तीय अनियमतिता पकड़ी गई।

संजय अग्रवाल के मुताबिक इस मामले के प्रकाश में आने के बाद तत्काल पटना पीएचईडी (पूर्वी) के तत्कालीन कार्यपालक अभियंता और वर्तमान में राज्य जल पर्षद के अधीक्षण अभियंता विनय कुमार सिन्हा के निलंबन का प्रस्ताव विभाग को भेज दिया गया है तथा लेखपाल विंदेश्वर प्रसाद सिंह को निलंबित कर दिया गया है।

अब तक 13 करोड़ रुपये के गबन का मामला प्रकाश में आया है।” जिलाधिकारी ने बताया कि कार्यपालक अभियंता सिन्हा, लेखपाल और तीन एनजीओ के खिलाफ गांधी मैदान थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने के आदेश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने कहा, “सरकारी राशि की रिकवरी के लिए कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

TOPPOPULARRECENT