Monday , December 18 2017

सुहराब उद्दीन शेख़ फ़र्ज़ी एनकाउंटर मुक़द्दमा ,हुकूमत गुजरात की दरख़ास्त मुस्तर्द

सुप्रीम कोर्ट ने आज तुलसी राम प्रजापति की मावराए अदालत ( न्यायालय से हटकर) हलाकत की सी बी आई तहक़ीक़ात के हुक्म पर नज़रेसानी ( पुन: विचार) के लिए पेश कर्दा दरख़ास्त मुस्तर्द ( रद्द) कर दी ।

सुप्रीम कोर्ट ने आज तुलसी राम प्रजापति की मावराए अदालत ( न्यायालय से हटकर) हलाकत की सी बी आई तहक़ीक़ात के हुक्म पर नज़रेसानी ( पुन: विचार) के लिए पेश कर्दा दरख़ास्त मुस्तर्द ( रद्द) कर दी ।

प्रजापति सुहराब उद्दीन शेख़ के फ़र्ज़ी एनकाउंटर मुक़द्दमा का आईनी ( चश्मदीद) गवाह था । मुबय्यना ( कथित) तौर पर गुजरात के साबिक़ वज़ीर-ए-दाख़िला ( पूर्व गृह मंत्री गुजरात) अमीत शाह इस एनकाउंटर में मुलव्वस थे ।

जस्टिस पी सताशीवम और जस्टिस वी एस चौहान ने कहा कि रियास्ती हुकूमत (राज्य सरकार) की दरख़ास्त की कोई ठोस बुनियाद नहीं है । रियास्ती पुलिस ने इस मुक़द्दमा में फ़र्द-ए-जुर्म (charge sheet/ अपराध सूची) पहले ही पेश कर दिया है । इस लिए दरख़ास्त मुस्तर्द ( रद्द) की जाती है ।

दरीं असना गुजरात हाइकोर्ट ने तहक़ीर ( अपमान) अदालत की दरख़ास्त पर रियास्ती पुलिस सरबराह को नोटिस जारी करदी । डी जी पी चितरंजन सिंह के ख़िलाफ़ एक हेड कांस्टेबल ने तहक़ीर अदालत की शिकायत पर मबनी दरख़ास्त ( निर्धारित आवेदन) पेश की थी ।

हेड कांस्टेबल हारून यूसुफ़ भाई कड़ी वाला ने ए डी जी पी सिंह के हुक्म को दरख़ास्त में चैलेंज किया था ।

TOPPOPULARRECENT