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सुहराब उद्दीन फ़र्ज़ी एंकाउंटर पुलिस ओहदेदारान की दरख़ास्त ज़मानत

मुंबई, ०४ दिसंबर (पीटीआई) 2005 सुहराब उद्दीन शेख फ़र्ज़ी एंकाउंटर मुक़द्दमा और माबाद उसकी अहेलिया कौसर बी की हलाकत के सिलसिला में मुबय्यना रोल पर गिरफ़्तार तीन गुजरात पुलिस ओहदेदारों ने ज़मानत के लिए बंबई हाइकोर्ट में आज अपील दायर की है

मुंबई, ०४ दिसंबर (पीटीआई) 2005 सुहराब उद्दीन शेख फ़र्ज़ी एंकाउंटर मुक़द्दमा और माबाद उसकी अहेलिया कौसर बी की हलाकत के सिलसिला में मुबय्यना रोल पर गिरफ़्तार तीन गुजरात पुलिस ओहदेदारों ने ज़मानत के लिए बंबई हाइकोर्ट में आज अपील दायर की है।

दो डिप्टी सुप्रीटेंडेंट पुलिस नरेंद्र अमीन और एमएल परमार के इलावा पुलिस इन्सपेक्टर बाल कृष्णा राजेंद्र प्रसाद ज़मानत के लिए अदालत से रुजू हुए। नरेंद्र अमीन की तरफ़ से सीनीयर वकील राम जेठमलानी ने पेश होते हुए कहा कि उनके मुवक्किल का रोल सिर्फ़ इतना है कि कौसर बी की तदफ़ीन के वक़्त वो दीगर मुल्ज़िम पुलिस ओहदेदारों के साथ शरीक थे।

जेठमलानी ने कहा कि नरेंद्र अमीन ए टी एस टीम का हिस्सा नहीं रहे और उनके ख़िलाफ़ इस्तिग़ासा ने अब तक कोई सुबूत पेश नहीं किया । उन्होंने कहा कि नरेंद्र अमीन की सेहत की बुनियाद पर उबूरी ज़मानत मंज़ूर की जानी चाहीए । जेठमलानी ने अदालत के रूबरू ये दलील भी पेश की कि इस तरह का तास्सुर ग़लत है कि वो (सी बी आई) कोई और मख़लूक़ है जिस पर जस्टिस ए एम थिप्से ने फ़ौरी जवाब दिया कि अदालत एसा बिलकुल नहीं समझती क्योंकि सी बी आई भी दीगर तहक़ीक़ाती एजेंसीयों की तरह है।

एडवोकेट अमीत नायर ने परमार की तरफ़ से अदालत में पेश होते हुए कहा कि उनके मुवक्किल पाँच साल से जेल में है। समाअत कल भी जारी रहेगी।

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