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सुहराब फ़र्ज़ी इनकाउनटर दो ओहदेदारों की अहमदाबाद तलबी

हैदराबाद 13 फरवरी (सियासत न्यूज़ ) सुहराब फ़र्ज़ी इनकाउनटर केस इन ओहदेदारों के तआक़ुब में लगा हुआ है जिन्हों ने मुबय्यना तौर पर सुहराब के अग़वा और इस की गुजरात पुलिस को हवालगी में अहम रोल अदा किया है ।तीन दिन क़बल सी बी आई के ओहदेदा

हैदराबाद 13 फरवरी (सियासत न्यूज़ ) सुहराब फ़र्ज़ी इनकाउनटर केस इन ओहदेदारों के तआक़ुब में लगा हुआ है जिन्हों ने मुबय्यना तौर पर सुहराब के अग़वा और इस की गुजरात पुलिस को हवालगी में अहम रोल अदा किया है ।तीन दिन क़बल सी बी आई के ओहदेदारों ने जो इस फ़र्ज़ी इनकाउनटर केस की तहक़ीक़ात कर रहे हैं आंधरा प्रदेश पुलिस से वाबस्ता दो ओहदेदारों बशमोल इन्टेलीजेन्स डी आई जी एन सुब्रामणियम और ए सी पी शमस आबाद मिस्टर सी ऐच सरीनवास राव को अहमदाबाद तलब कर के इन से पूछगिछ की थी । सी बी आई ज़राए ने बताया कि हालिया दिनों एक तहक़ीक़ात एजैंसी को गुजरात-ओ-राजिस्थान से वाबस्ता ख़ाती पुलिस ओहदेदारों के मोबाईल फोन्स के रेकॉर्ड्स हासिल हुए हैं जिस में ए पी पुलिस का रोल मंज़रे आम पर आया।

ज़राए ने बताया कि आंधरा प्रदेश के सीनीयर आई पी ऐस ओहदेदार एन बाला सुब्रामणियम साल 2005 में ज़िला प्रकाशम के इस पी थे और इस वक़्त के इन्सपैक्टर राजिंदर नगर मिस्टर सी ऐच सरीनवास राव की मदद से गुजरात पुलिस के ख़ाती ओहदेदार राज कुमार पांडियन केलिए आई पी ऐसऑफीसर मैस में कमरा बुक करवाया था हालाँकि गुजरात सी आई डी ने आंधरा पुलिस के कई ओहदेदारों से साबिक़ में पूछगिछ की थी लेकिन ये दो अफ़्सर सी आई डी की तहक़ीक़ात में मंज़र आम पर नहीं आए थे । गुज़शता माह सुप्रीम कोर्ट की जानिब से सुहराब उद्दीन फ़र्ज़ी इनकाउनटर केस की तहक़ीक़ात कररही है सी बी आई टीम को ये हिदायत दी गई थी कि वो आंधरा प्रदेश पुलिस से वाबस्ता पुलिस ओहदेदारों की निशानदेही करें,

जिस के बाद तहक़ीक़ात एजैंसी ने हरकत में आते हुए मोबाईल फ़ोन रेकॉर्ड्स की मदद से बाला सुब्रामणियम और सरीनवास राव से पूछगिछ करने का फ़ैसला किया । ज़राए ने बताया कि तहक़ीक़ाती एजैंसी गुजरात पुलिस को मदद करने वाले पुलिस ओहदेदारों की निशानदेही के इलावा बदनाम-ए-ज़माना ख़ुद सपुर्द मावसट मुहम्मद नईम उद्दीन उर्फ़ भू नगीर नईम की तलाश में भी शिद्दत पैदा करदी गई लेकिन सी बी आई के चंद ओहदेदारों का ये शुबा हीका नईम को पुलिस के चंद ओहदेदारों ने रुपोश करदिया है । वाज़िह रहे कि साल 2005 में सुहराब उद्दीन शेख़ उस की बीवी कौसर बी और इस के साथी तुलसी राम प्रजा पृथी को गुजरात पुलिस की एक टीम ने आंधरा प्रदेश की सरहद के क़रीब ख़ानगी बस से अग़वा कर के फ़र्ज़ी इनकाउनटर में हलाक करदिया था ,

जबकि कौसर बी की अस्मत रेज़ि के बाद ज़िंदा जला दिया गया था चंद दिन बाद इस केस के अहम गवाह तुलसी राज प्रजा पर थी को भी हलाक करदिया गया था । इस सिलसिला में गुजरात पुलिस ने कई ओहदेदारों बशमोल डी जी वंज़ारा , डी एस पी नरेंद्र कुमार अमीन और दीगर को गिरफ़्तार किया था और ये ओहदेदार अब तक गुजरात की साबरमती जेल में महरूस हैं।

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