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सूडान में जंग बंदी के लिए अक़वाम-ए-मुत्तहिदा का मुतालिबा

अक़वाम-ए-मुत्तहिदा की सलामती कौंसल ने जुमेरात को सूडान और जुनूबी सूडान के दरमयान फ़ौरी जंग बंदी पर ज़ोर दिया है ।इस से क़बल सरहदी इलाक़ों में दोनों फ़रीक़ों के दरमयान कई दिन से जारी लड़ाई की वजह से एक मुकम्मल जंग का ख़दशा पैदा हुआ है।अक़व

अक़वाम-ए-मुत्तहिदा की सलामती कौंसल ने जुमेरात को सूडान और जुनूबी सूडान के दरमयान फ़ौरी जंग बंदी पर ज़ोर दिया है ।इस से क़बल सरहदी इलाक़ों में दोनों फ़रीक़ों के दरमयान कई दिन से जारी लड़ाई की वजह से एक मुकम्मल जंग का ख़दशा पैदा हुआ है।अक़वाम-ए-मुत्तहिदा में वाशिंगटन की सफ़ीर सोसन राईस ने ग्रुप की ईमा पर ब्यान पढ़ कर सुनाते हुए कहा है कि 15रुकनी कौंसल ने तसादुम की शिद्दत पर अपनी शदीद और बढ़ती हुई तशवीश का इज़हार किया है। ये शदीद झड़पें , अफ़्रीक़ा की तवील तरीन ख़ानाजंगी के बाद जुलाई में जुनूबी सूडान की आज़ादी के हुसूल के बाद अब तक बदतरीन लड़ाई है जिसने दोनों साबिक़ा हरीफ़ों को जंग के दहाने पर खड़ा कर दिया है।

अपने ब्यान में सलामती कौंसल ने हर किस्म की लड़ाई की मुकम्मल , फ़ौरी और ग़ैर मशरूत ख़ातमे का मुक़ाबला किया है और फ़िज़ाई बमबारी , सरहद पर तशद्दुद रोकने के लिए कहा है। इसने सूडान की पीपल्ज़ लेब्रेशन आर्मी को हीगलनग के स्ट्रेटेजिक शुमाली तेल के पैदावारी अज़ला से निकलने पर ज़ोर दिया है और दिनों मुल्कों के रहनुमाओं से कहा है कि वो फ़ौरी तौर पर मुलाक़ात करें। इस से क़ब्ल 3 अप्रैल को होने वाली बातचीत मंसूख़ कर दी गई थी। राईस,जो कि अप्रैल के महीने में बलॉक की सरबराही कर रही है , मज़ीद कहा कि कौंसल अगर ज़रूरी हो तो मज़ीद इक़्तेमात भी करेगा। ये लड़ाई मंगल के रोज़ उस वक़्त शुरू हुई जब जुनूबी सूडान की फ़ौजीयों ने हीगलंग पर क़ब्ज़ा कर लिया जहां से मुल़्क की ख़ाम तेल की निस्फ़ मिक़्दार पैदा होती है और इसकी वजह से तमाम पैदावारी काम रोकना पड़ा है

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