Sunday , September 23 2018

सेक्युरिटी दो मेरी जान को खतरा : जीतन राम मांझी

साबिक़ वजीरे आला जीतन राम मांझी ने बुध को कहा कि मेरी जान पर खतरा है। मेरे पूरे अहले खाना की रेकी चल रही है। कौन कहां आ-जा रहा है, तमाम बातों पर नजर रखी जा रही है। फिर भी डीजीपी और दाखला सेक्रेटरी सीएम नीतीश कुमार के इशारे पर मुङो पूरी

साबिक़ वजीरे आला जीतन राम मांझी ने बुध को कहा कि मेरी जान पर खतरा है। मेरे पूरे अहले खाना की रेकी चल रही है। कौन कहां आ-जा रहा है, तमाम बातों पर नजर रखी जा रही है। फिर भी डीजीपी और दाखला सेक्रेटरी सीएम नीतीश कुमार के इशारे पर मुङो पूरी सेक्युर्टी नहीं मुहैया करा रहे हैं।

सेक्युर्टी बढ़ाने के जगह पर कम की जा रही है। इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। सहाफ़ियों से बातचीत में उन्होंने इल्ज़ाम लगाया कि मेरे घर की जासूसी करायी गयी थी। इसकी वजह 1, अणो मार्ग वाकेय सीएम रिहाइशगाह में तमाम पुराने मुलाज़िमीन का ही मौजूद होना है।

जीतन राम मांझी ने बिना नाम बताये कहा कि एक एमपी मुसलसल मेरे राब्ते में हैं, जो जल्द ही मेरी तरफ आयेंगे। उन्होंने कहा कि रियासत में इंतेजामिया, इक्तेसादी और सामाजिक हालत बहुत खराब हो गयी है। इसके मद्देनजर सदर हुकूमत लगा देना चाहिए। इसकी सिफारिश जल्द ही हम गवर्नर से करेंगे। जदयू, राजद, सपा समेत छह पार्टियों के इंजमाम को साबिक़ वजीरे आला ने एक बड़ी वबा करार देते हुए कहा कि यह साबिक़ और मगरीब का मेल हो रहा है। दो मुखालिफ पार्टी एक हो रहे हैं। लालू अपना वोट ट्रांसफर नहीं करा सकते हैं। फिरका परस्त के नाम पर लोगों को बेवकूफ बनाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 20 अप्रैल को गांधी मैदान में पांच लाख लोगों को जुटाऊंगा। एसेम्बली इंतिख़ाब तक किसी पार्टी के साथ इत्तिहाद की इमकान से इनकार करते हुए कहा कि तमाम 243 सीटों पर लड़ेंगे। इंतिख़ाब रिजल्ट के बाद ‘लाइक माइंडेड’ पार्टियों के साथ मूआहिदा कर सकता हूं।

उन्होंने एक बार फिर इल्ज़ाम लगाया कि हुकूमत कमीशनखोरों और दलालों के लिए काम कर रही है। कुछ वज़ीर भी इसमें शामिल हैं। उन्होंने अफसरों से कहा कि चार महीने बाद इक्तिदार से नीतीश कुमार हटनेवाले हैं। ऐसे में उनके इशारों पर काम करनेवाले अफसर सोचें कि उनका क्या होगा। उन्होंने कहा कि मेरे मुद्दत के 34 फैसलों को नकारा नहीं जा सकता। इन्हीं फैसलों को नीतीश हुकूमत भी लागू कर रही है। तरक़्क़ी दोस्तों को ज़्यादा तंख्वाह देना और सर्विस 60 साल तक करना इसी का हिस्सा है।
नालंदा जिला के नेपुरा गांव की वाकिया की मज़मत करते हुए कहा कि यह इंतेजामिया की मनमानी का मिसाल है। 25 अप्रैल तक हुकूमत कोई एक्शन नहीं लेती है, तो मैं अनशन करूंगा।

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