Wednesday , December 13 2017

सेतलवाद के ख़िलाफ़ मज़ीद तहकीकात ना की जाएं

सुप्रीम कोर्ट ने आज हुकूमत गुजरात से कहा कि वो समाजी कारकुन टीसता सेतलवाद (Teesta Setalvad)के ख़िलाफ़ मुक़द्दमा में मज़ीद तहकीकात को रोक दे । सेतलावाद के ख़िलाफ़ हुकूमत गुजरात ने 2002 फ़सादाद महलोकेन की नाशें गैरकानूनी तौर पर निकलवाने का इल्ज़ाम है

सुप्रीम कोर्ट ने आज हुकूमत गुजरात से कहा कि वो समाजी कारकुन टीसता सेतलवाद (Teesta Setalvad)के ख़िलाफ़ मुक़द्दमा में मज़ीद तहकीकात को रोक दे । सेतलावाद के ख़िलाफ़ हुकूमत गुजरात ने 2002 फ़सादाद महलोकेन की नाशें गैरकानूनी तौर पर निकलवाने का इल्ज़ाम है । सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ये इंतेक़ामी जज़बा से दायर किया गया मुक़द्दमा है ।

ताहम हुकूमत गुजरात ने कहा कि इस केस में चार्च शीट पहले ही दाख़िल की जा चुकी है और मुक़द्दमा की समाअत शुरू हो चुकी है । सीनीयर एडवोकेट रोशि शंकर प्रसाद ने जस्टिस आफ़ताब आलम और जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई पर मुश्तमिल एक बंच से कहा कि इस केस में समाअत शुरू हो चुकी है ।

मिस्टर प्रसाद ने ये जवाब उस वक़्त दिया जब बंच ने कहा कि ख़ुद आप को ये एफ आई आर पढ़नी चाहीए थी क्योंकि एफ आई आर ख़ुद ही इंसानी हुक़ूक़ की ख़िलाफ़वर्ज़ी है । बंच ने कहा कि अदालत एफ आई जिस तरह से दर्ज किया गया है इससे मुतमइन नहीं है और एफ आई आर में जो इल्ज़ामात आइद किए गए हैं वो भी अदालत को मुतमइन नहीं करते ।

एफ आई आर का इंदिराज ( नामंकन) ही हक़ूक़-ए-इंसानी की ख़िलाफ़वर्ज़ी है । सुप्रीम कोर्ट गुजरात हाइकोर्ट के फैसले के ख़िलाफ़ सीतलावाद की अपील की समाअत कर रही थी । सीतलावाद की दरख़ास्त पर गुजरात हाइकोर्ट ने एफ आई आर के इंदिराज को कुलअदम क़रार देने से इनकार कर दिया था ।

हुकूमत गुजरात ने कहा था कि इब्तदा‍ ए‍ में सीतलवाद इस केस में मुल्ज़िम नहीं थीं ताहम बाद में एक क़ब्रिस्तान में क़ुबूर से नाशें निकालने की तहकीकात में इन का नाम सामने आया है और कुछ गवाहों ने भी ब्यान दिया है । अदालत ने इस केस की समाअत से इत्तेफ़ाक़ कर लिया ताहम कहा कि ये इंतेक़ामी जज़बा से दायर किया गया मुक़द्दमा है ।

बंच ने कहा कि आज अदालत रियासती हुकूमत से कहती है कि मज़ीद तहकीकात को रोक दिया जाए उस वक़्त मिस्टर प्रसाद ने कहा कि चार्च शीट दाख़िल हो गई है और तहकीकात उस वक़्त की गयी जब सीतलावाद इस में मुल्ज़िम नहीं थीं। ताहम अदालत ने कहा कि जो कुछ भी मुक़द्दमा की आज नैवियत है इसी को बरक़रार रखा जाना चाहीए और मज़ीद तहकीकात नहीं होनी चाहीए ।

आइन्दा समाअत 18 जुलाई को होगी ।

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