Thursday , December 14 2017

सेना के जवानों के बजाय आरएसएस कार्यकर्ताओं को सीमा पर भेजा जाना चाहिए : कांग्रेस

रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर द्वारा पाक अधिकृत कश्मीर(पीओके) में सेना के सर्जिकल स्ट्राइक का श्रेय आरएसएस की शिक्षाओं का परिणाम बताते हुए विवादित बयान दिया गया था | पर्रीकर के इस बयान के बाद बुधवार को कांग्रेस ने कहा कि अगर ऐसा ही है तो देश की सीमाओं पर सेना के जवानों के बजाय आरएसएस कार्यकर्ताओं को भेज दिया जाना चाहिए |

कांग्रेस की लखनऊ ज़िला इकाई के पार्टी ऑब्जर्वर हुसैन दलवाई ने लखनऊ में रिपोर्ट्स से बात करते हुए कहा कि रक्षा मंत्री ने सर्जिकल स्ट्राइक का श्रेय सेना के बजाय आरएसएस की शिक्षाओं को दिया है …अगर ऐसा ही है कि ये कार्रवाई वास्तव में आरएसएस की शिक्षाओं का परिणाम है तो जवानों कि बजाय आरएसएस को अपने कार्यकर्ताओं को सीमाओं पर तैनात किया जाना चाहिए |

राज्यसभा सांसद हुसैन दलवाई ने कहा कि आरएसएस कार्यकर्ताओं के लिए भी ये बेहतर होगा कि वह देश को बांटने वाली गतिविधियों में शामिल होने कि बजाय दुश्मन का सामना करें | दलवी ने रक्षा मंत्री के इस बयान की आलोचना करते हुए कहा कि वे  ‘संवेदनशील’ बयान देने के बजाय फ़ालतू बयान दे रहे हैं |

गौरतलब है कि सोमवार को अहमदाबाद में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पर्रिकर ने कश्मीर (पीओके) में सर्जिकल स्ट्राइक का श्रेय आरएसएस की शिक्षाओं का परिणाम बताया था |

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी के बारे में बात करते हुए दलवाई ने यक़ीन दिलाया कि उनकी पार्टी बिना गठबंधन के सरकार बनाएगी |

कांग्रेस नेता ने जनता दल (यूनाइटेड) और पीस पार्टी के साथ चुनावी गठबंधन का संकेत दिया लेकिन उन्होंने इस बारे में ज़्यादा बात नहीं की | उन्होंने दावा किया कि हाल ही में संपन्न कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की ‘किसान यात्रा’ ने पार्टी को एक “नया जीवन” दिया है इसे आगे भी मजबूत किया जायेगा |

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