Thursday , April 19 2018

सेना के जवान का वेतन काटने पर PMO नाराज, BSF ने वापस लिया आदेश

नियमित अभ्यास के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति कथित तौर पर बीएसएफ के एक जवान द्वारा असम्मान  जताने के लिए सात दिन का वेतन काटने का आदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश के बाद वापस ले लिया गया। ‘हिंदुस्तान’ ने इस खबर को सबसे पहले प्रकाशित किया था। जिसके बाद सोशल मीडिया पर खबर को लेकर काफी बहस हुई थी। पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में तैनात बीएसएफ की 15वीं बटालियन के कांस्टेबल संजीव कुमार को उनके कमांडिंग अफसर( सीओ)  ने 21  फरवरी को सुबह के अभ्यास के दौरान मोदी प्रोग्राम  जैसे शब्दों का इस्तेमाल करने का दोषी पाया था। यूनिट के सीओ कमांडेंट अनूप लाल भगत ने आदेश जारी कर प्रधानमंत्री के प्रति असम्मान जताने के लिए  जवान पर सात दिन का वेतन जुर्माना  लगाया था।

बीएसएफ के एक प्रवक्ता के मुताबिक प्रधानमंत्री ने अप्रसन्नता जाहिर करते हुए दंड को तत्काल वापस लेने का निर्देश दिया। वेतन काटने के आदेश को रद्द करते हुए पूरे मामले से विवेकपूर्ण ढंग से नहीं निबटने के लिए संबद्ध कमांडेंट को आगाह किया गया। अधिकारियों ने बताया कि जीरो परेड या अपनी आधिकारिक गतिविधियों के बारे में वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी देने वाली रिपोर्टिंग असेंबली के दौरान जवान ने एक कार्यक्रम का जिक्र किया जिसमें वह शामिल हुआ था। इस कार्यक्रम को उसने मोदी कार्यक्रम कहा। उन्होंने बताया कि सीओ ने प्रधानमंत्री के प्रति जवान के इस संदर्भ को अनुचित पाया और उसके खिलाफ जांच का आदेश देकर उसे दोषी करार दिया था। बीएसएफ में इस सजा की खूब चर्चा हो रही थी। आदेश में प्रधानमंत्री का नाम घसीटे जाने पर शीर्ष स्तर पर अप्रसन्नता जाहिर की गई थी।

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