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सेमी के 5 कारकुन दहश्त हमलों के लिए कोशां

नई दिल्ली इंटेलिजेंस का इद्दिआ ‍- मुल्क भर में चौकसी - कर्नाटक महाराष्ट्र-ओ-राजस्थान में मौजूदगी का शुबा

नई दिल्ली

इंटेलिजेंस का इद्दिआ ‍- मुल्क भर में चौकसी – कर्नाटक महाराष्ट्र-ओ-राजस्थान में मौजूदगी का शुबा

सारे मुल्क में सख़्त चौकसी इख़तियार करली गई है और ये इद्दिआ किया गया है कि ममनूआ तंज़ीम सेमी के पाँच अरकान जो 2013 में मध्य प्रदेश की एक जेल से फ़रार होगए थे पाकिस्तान की खु़फ़ीया एजेन्सी आई एस आई की हिदायत पर मुल्क में दहशत गरदाना हमलों का मंसूबा बना रहे हैं।

सरकारी ज़राए ने कहा कि सैंट्रल इंटेलिजेंस एजंसियों की जानिब से फ़राहम करदा इत्तेलात पर तमाम रियासतों से कहा गया है कि वो मुहम्मद एजाज़ुद्दीन मुहम्मद असलम अमजद ख़ान ज़ाकिर हुसैन सादिक़ और महबूब गुड्डू की तलाश करें जिन्हें दहशत हमलों की ज़िम्मेदारी दी गई है।

कर्नाटक राजस्थान और महाराष्ट्र से खासतौर पर चौकस रहने को कहा गया है और कहा गया है कि दहशतगर्द इन तीन रियासतों में छपे होसकते हैं। कहा गया है कि आई एस आई के एक ओहदेदार की किसी शख़्स से बात चीत में ये जुमला पकड़ा गया कि उन लोगों को अच्छा प्रॉजेक्ट दिया है।

कुछ दिन इंतेज़ार करो । ये इद्दिआ किया गया है कि आख़िरी मर्तबा इन में से दो अफ़राद की कर्नाटक में मौजूदगी की इत्तेला है। एक‌ अक्टूबर 2013 को पाँच अफ़राद फैसल नामी एक और कैदी के साथ मध्य प्रदेश में खंडवा की जेल से फ़रार होगए थे। उन्होंने 14 फीट ऊंची दिवार फलांग कर फ़रार इख़तियार की थी।

फैसल इस गैंग का सरबराह था। सातवें कैदी ने दूसरे ही दिन ख़ुद सुपुर्दगी इख़तियार करली थी जबकि फैसल को गुज़िशता साल दिसम्बर‌ में मध्य प्रदेश में बरवानी के मुक़ाम से गिरफ़्तार करलिया गया था जबकि पाँच दूसरे हुनूज़ मफ़रूर हैं। दिलचस्प बात ये है कि मजबोब की वालिदा नजमा बी भी खंडवा में गुज़िशता चंद माह क़ब्ल लापता होगई है और समझा जा रहा है कि वो भी अपने फ़र्ज़ंद के साथ रुपोश है।

इन मुश्तबा अफ़राद की तेलंगाना उत्तरप्रदेश कर्नाटक महाराष्ट्र राजस्थान और तमिलनाडु में मौजूदगी की भी इत्तेला थी। समझा जाता है कि ये ग्रुप एक फ़रव‌री 2014 को तेलंगाना में करीमनगर में एक बैंक रहज़नी में भी मुलव्विस है। इस के अलावा ये ग्रुप बैंगलोर। गोहाटी ट्रेन में हुए धमाका और चेनाई सैंट्र‌ल इस्टेशन पर हुए धमाके में भी मुलव्विस है। ये पांचों जून 2011 से एक पुलिस मुलाज़िम के क़त्ल के अलावा इक़दाम-ए‍क़त्ल और बैंक रहज़नी के वाक़ियात में जेल में थे।

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