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सेराज कमर को अवैध हिरासत में रखा जाना पुलिसिया गुंडागर्दी का असली चेहरा –रिहाई मंच

लखनऊ,18 अप्रैल.रिहाई मंच ने आजमगढ़ बिंद्रा बाज़ार से 15 अप्रैल को सेराज कमर उर्फ़ सोनू को यूपी एसटीएफ द्वारा अवैध तरीके से उठाये जाने और अबतक कहीं गिरफ्तारी न दिखाए जाने को उत्तर प्रदेश में पुलिसिया गुंडागर्दी का उदाहरण करार दिया है.

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रिहाई मंच प्रवक्ता शाहनवाज़ आलम ने सेराज कमर उर्फ़ सोनू के परिजनों के हवाले से बताया की 15 अप्रैल को आजमगढ़ के बिंद्रा बाज़ार से सेराज कमर उर्फ़ सोनू पुत्र स्व.कमरुद्दीन निवासी मंगरावा रायपुर थाना गम्भीरपुर को 6 बजे शाम को खुद को एसटीएफ के लोग बताने वालों ने अवैध तरीके से उठा लिया.सेराज कमर अपने भाई को चेचक की दवा दिलाने ले गए थे.रिहाई मंच प्रवक्ता ने बताया की सेराज कमर की मां ने 16 अप्रैल को मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश,पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश,जिला अधिकारी आजमगढ़,वरिष्ट पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ समेत राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और माननीय उच्च न्यायलय तक पत्र और ईमेल करके न्याय की मांग की है .लेकिन अभीतक पुलिस प्रशासन सेराज कमर के बारे में कोई आधिकारिक तौर पर जानकारी नही दे रहा है.
रिहाई मंच प्रवक्ता ने यह भी बताया की उनके परिजनों का आरोप है की सेराज कमर को मऊ जिले के सराय लखंती थाने में रखा गया है,उसका बाल कटवाकर नया कपड़ा भी पहनाया गया है. इस मामले में जब रिहाई मंच प्रवक्ता शाहनवाज़ आलम ने सराय लखंती एसओ से बात की तो उन्होंने सेराज के वहां रखे जाने से इंकार कर दिया.मंच के प्रवक्ता ने कहा कि इस मामले में पुलिश प्रशासन कोई बड़ी आपराधिक साजिश रच रहा है क्योंकि किसी को भी 24 घंटे से अधिक समय तक कस्टडी में रखा जाना विधि विरुध्द है.मंच प्रवक्ता ने सरकार को चेताते हुए कहा की आजमगढ़ पहले से ऐसे अवैध गिरफ्तारियों का केंद्र रहा है .इस स्थिति में अगर कोई अप्रिय घटना हुई तो उत्तर प्रदेश सरकार और प्रशासन इसके लिए जिम्मेदार होगा.

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