सेलफोन का ताबकारी (रेडयाई) असर बच्चों के लिए मुज़िर (नुकशानदह) हो सकता है !

सेलफोन का ताबकारी (रेडयाई) असर बच्चों के लिए मुज़िर (नुकशानदह) हो सकता है !
हामिला ख़वातीन चौकन्ना हो जाएं ! हमल के दौरान सेलफोन का रेडयाई असर रहम मादर में जनीन पर असर अंदाज़ हो सकता है और इस से नित नए मसाइल पैदा हो सकते हैं।

हामिला ख़वातीन चौकन्ना हो जाएं ! हमल के दौरान सेलफोन का रेडयाई असर रहम मादर में जनीन पर असर अंदाज़ हो सकता है और इस से नित नए मसाइल पैदा हो सकते हैं।

येल स्कूल आफ़ मेडीसिन के मुहक़्क़िक़ (बहुत ही काबिल) डाक्टर हग टेलर ने एक हालिया तहक़ीक़ (शोध) में हमल पर सेलफोन के ताबकारी (रेडयाई) असरात का पता चलाया है ।

उन्हों ने कहा कि उन लोगों ने हामिला चूहिया को पिंजरे में रखा और इस के ऊपर बस एक सेलफोन रख दिया गया । कुछ मुद्दत के लिए सेलफोन को आन रखा गया और कुछ मुद्दत के लिए इसे आफ़ कर दिया गया ।

मुहक़्क़िक़ीन (शोध करने वालों) ने पाया कि चूहिया के बच्चों में मामूल के हमल के मुताबिक़ फ़र्क़ नज़र आया । सेलफोन के करीब वाली चूहिया ज़्यादा मुतहर्रिक रही लेकिन वो कुछ कुंद ज़हन भी नज़र आई।

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