सेहत-ओ-तिब्बी उलूम के शोबों में हिन्द- बंगलादेश तआवुन मुआहिदा पर दस्तख़त

सेहत-ओ-तिब्बी उलूम के शोबों में हिन्द- बंगलादेश तआवुन मुआहिदा पर दस्तख़त

नई दिल्ली 13 फरव‌री : हिन्दुस्तान और बंगलादेश ने आज सेहत और तिब्बी उलूम के शोबों में बाहमी तआवुन की याददाश्त मुफ़ाहमत पर दसख़त किए जिस में सेहत के बारे में मुशतर्का तहक़ीक़ ,डाक्टरों का बाहमी तबादला और सेहत माहिरीन का बाहमी तबादला भी शामिल होगा ।

याददाश्त मुफ़ाहमत पर दोनों ममालिक के वज़रा सेहत ग़ुलाम नबी आज़ाद और ए एफ़ एम रूह उल-हक़ ने दस्तख़त किए । मुआहिदा मुफ़ाहमत के बमूजब तआवुन का अहम शोबा डाक्टरों के बाहमी तबादले , दीगर तिब्बी माहिरीन के बाहमी तबादले , इंसानी ज्रूयात‌ के फ़रोग़ , सेहत और तिब्बी उलूम के बारे में बाहमी तबादले और सेहत के बारे में मुशतर्का तहक़ीक़ के ज़रीया उस की तरक़्क़ी शामिल होंगे ।

ये तआवुन अदविया साज़ी ,तिब्बी आलात और हुस्न अफ़्ज़ा-ए-मसनूआत की दरआमद-ओ-बरामद को बाक़ायदा बनाएगा इस के अलावा सेहत को तरक़्क़ी देगा और अमराज़ का इंसिदाद करेगा ।तहज़ीबी हसासीयत और मूसिर अवामी-ओ-माहिरीन केलिए शऊर की बेदारी की तरक़्क़ी केलिए बाहमी तआवुन को प्रवान चढ़ाना तिब्बी और हिफ़्ज़ान-ए-सेहत फ़राहम करने वालों केलिए रहनुमा या ना ख़ुतूत का मुकरर‌ करना और उन अफ़राद की कारकर्दगी पर निगरानी याददाश्त मुफ़ाहमत का हिस्सा हैं एलावा अज़ीं साईंसी अशीया और मालूमात का भी बाहमी तबादला मुम्किन होसकेगा।

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