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सैफ उल-इस्लाम ख़ुदसपुर्दगी केलिए तैय्यार

लीबिया 28 अक्टूबर (एजैंसीज़) कर्नल मुअम्मर क़ज़ाफ़ी के फ़र्ज़ंद सैफ़ उल-इस्लाम क़ज़ाफ़ी जिन्हों ने लीबिया की सरज़मीन पर बाग़ीयों को मौत के घाट उतार देने का अह्द किया था अब बैन-उल-अक़वामी इंसाफ़ का सामना करना चाहते हैं और वो अपने वालिद की तरह कि

लीबिया 28 अक्टूबर (एजैंसीज़) कर्नल मुअम्मर क़ज़ाफ़ी के फ़र्ज़ंद सैफ़ उल-इस्लाम क़ज़ाफ़ी जिन्हों ने लीबिया की सरज़मीन पर बाग़ीयों को मौत के घाट उतार देने का अह्द किया था अब बैन-उल-अक़वामी इंसाफ़ का सामना करना चाहते हैं और वो अपने वालिद की तरह किसी भी तरह के ख़ौफ़नाक अंजाम से बचना चाहते हैं।

लीबिया के ओहदेदारों ने कहा कि सैफ उल-इस्लाम मुअम्मर क़ज़ाफ़ी के 8 बच्चों में से सिर्फ एक फ़र्ज़ंद हैं जो हनूज़ रूपोशी की ज़िंदगी गुज़ार रहे हैं। उन्होंने इंटरनैशनल क्रिमनल कोर्ट (आई सी सी) के सामने ख़ुदसपुर्दगी के लिए तैय्यार हैं।

आलमी जंगी अदालत ने उन्हें जंगी जराइम के लिए माख़ूज़ किया है। 39 साला सैफ़ उल-इस्लाम की ख़ुदसपुर्दगी के साथ ही मुअम्मर क़ज़ाफ़ी की चार दहों पुरानी तारीख़ी हुक्मरानी का एक और बाब ख़तम होगा।

अक़वाम-ए-मुत्तहिदा ने अपने लीबीयाई मिशन को ख़तन करने का फ़ैसला किया है और नाटो को इजाज़त दी है कि वो बाग़ीयों की मदद करते हुए इक़तिदार पर आने में तआवुन करे।

सैफ उल-इस्लाम को मुअम्मर क़ज़ाफ़ी का सब से पसंदीदा फ़र्ज़ंद समझा जाता था। सैफ उल-इस्लाम डेनमार्क के आई सी सी के सामने ख़ुद सपुर्द होना चाहते हैं।

वो अपने एक रिश्तेदार के साथ यहां पहुचेंगे। साबिक़ इंटेलीजेन्स सरबराह अबदुल्लाह अलसनीवसी के ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी का वारंट है।

क़ौमी उबूरी कौंसल के ओहदेदार ने कहा कि सैफ उल-इस्लाम लीबिया के जुनूबी सहरा में रुपोश हैं।

लीबिया की क़ौमी उबूरी कौंसल के हुक्काम ने दावे किया है कि मुअम्मर क़ज़ाफ़ी के बेटे सैफ़ उल-इस्लाम क़ज़ाफ़ी और उनके इंटैलीजैंस चीफ़ अबदुल्लाह अलसनीवसी ने सर निडर कर के जराइम की बैन-उल-अक़वामी अदालत में पेश होने का फ़ैसला किया हैं।

अस्करी ओहदेदार अबदुलमजीद का कहना है कि उन्होंने कहा है कि वो गिरफ़्तारी देने को तैय्यार हैं उन्हें बैन-उल-अक़वामी अदालत के हवाले किया जाये। दूसरी जानिब बैन-उल-अक़वामी अदालत की जानिब से कहा गया है कि उन्हें इस बारे कोई इत्तिलाआत नहीं मिलीं।

हम क़ौमी उबूरी कौंसल से राबिता कर रहे हैं ताकि इस बारे मालूमात हासिल की जा सकें।

जून में आई सी सी ने मुअम्मर क़ज़ाफ़ी, सैफ क़ज़ाफ़ी और अबदुल्लाह अलसनीवसी के वारंट गिरफ़्तारी जारी किए थे। दरीं असना रूसी वज़ीर-ए-आज़म विल्लादी मीर पोटन का कहना है कि क़ज़ाफ़ी के आख़िरी लम्हों की वीडीयो अफ़सोसनाक है।

एक शख़्स ख़ून में लिथड़ा है और ज़िंदा है लेकिन उसे क़तल कर दिया जाता हैं। ये नफ़रत की इंतिहा हैं।

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