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सैमी(स्टूडैंटस इस्लामिक मूवमैंट औफ़ इंडिया ) पर इमतिना(मनाही) बरक़रार

ख़ुसूसी ट्रिब्यूनल का फ़ैसला

ख़ुसूसी ट्रिब्यूनल का फ़ैसला
एक ख़ुसूसी ट्रिब्यूनल ने मर्कज़ की जानिब(तरफ‌) से स्टूडैंटस इस्लामिक मूवमैंट औफ़ इंडिया (सैमी) पर आइद करदा इमतिना को हक़बजानिब क़रार दिया है, जिस के पाकिस्तान नशीन दहश्तगर्द तंज़ीमों बिशमोल लश्कर-ए-तयेबा और इस की मुहाज़ी तंज़ीम इंडियन मुजाहिदीन के साथ रवाबित हैं।

दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस वी के शाली जो इस ट्रिब्यूनल के सरबराह हैं, उन्हों ने SIMI पर इमतिना की तौसीक़ करनेवाली रिपोर्ट वज़ारत-ए-दाख़िला(गृहमंत्री/home minister) को पेश करदी है। वज़ारत-ए-दाख़िला(गृहमंत्री/home minister) तर्जुमान ने आज कहा कि ये हुक्मनामा सैमी पर पाबंदी में वज़ारत-ए-दाख़िला(गृहमंत्री/home minister) की जानिब से 3 फ़बरोरी को मज़ीद दो साल की तौसीअ करदिए जाने के बाद सामने आया है।

सैमी को 27 सितंबर 2001-ए-को ममनूआ क़रार दिया गया था जब ये बात सामने आई थी कि ये तंज़ीम(संस्था) दहश्त गिरदाना सरगर्मीयों में मुलव्वस है।

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