Tuesday , January 16 2018

सॉफ्टवेर का सरका करने के इल्ज़ाम में सिविल इंजीनियर गिरफ़्तार

सी आई डी की साइबर क्राईम सेल ने एक नौजवान सिविल इंजीनियर को सॉफ्टवेर कंपनी के क़ीमती सॉफ्टवेर का सरका करने के इल्ज़ाम में गिरफ़्तार करलिया। तफ़सीलात के बमूजिब मुंबई के मुक़ीम विवेक घराड ने हैदराबाद में वाक़्य एक सॉफ्टवेर कंपन

सी आई डी की साइबर क्राईम सेल ने एक नौजवान सिविल इंजीनियर को सॉफ्टवेर कंपनी के क़ीमती सॉफ्टवेर का सरका करने के इल्ज़ाम में गिरफ़्तार करलिया। तफ़सीलात के बमूजिब मुंबई के मुक़ीम विवेक घराड ने हैदराबाद में वाक़्य एक सॉफ्टवेर कंपनी में मुलाज़मत के दौरान वहां के कंप्यूटर्स से छेड़छाड़ करते हुए कंपनी के अहम सॉफ्टवेर का सरका कर लिया था।

इस सिलसिला में सॉफ्टवेर कंपनी ने सी आई डी के साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन से एक शिकायत दर्ज करवाई थी, जिस के बाद विवेक के ख़िलाफ़ इन्फ़ार्मेशन टैक्नोलोजी ऐक्ट और ताअज़ीरात-ए-हिंद के दफ़आत के तहत मुक़द्दमा दर्ज कर के तहक़ीक़ात का आग़ाज़ किया था। तहक़ीक़ात के दौरान साइबर क्राईम पुलिस ने इंटरनैट के आई पी तफ़सीलात की एक बुनियाद पर ववीक का पता लगाने में कामयाबी हासिल करली और उसे मुंबई में गिरफ़्तार कर लिया गया।

तफ़तीश के दौरान विवेक ने अपना इक़बाल-ए-जुर्म करते हुए बताया कि सॉफ्टवेर कंपनी में ट्रेनिंग के दौरान इस ने सॉफ्टवेर का सरका किया था और इस सॉफ्टवेर को फ़रोख़त करने का इरादा रखता था ताकि उसे माक़ूल रुपय हासिल होसके। इतना ही नहीं गिरफ़्तार सिविल इंजीनियर ने यूट्यूब वैब साईट पर इस सॉफ्टवेर से मुताल्लिक़ तफ़सीलात भी अपलोड किए थे।

इन मस्रूक़ा सॉफ्टवेर को फ़रोख़त करते हुए वो ख़ातिर ख़वाह रक़म हासिल करने का ख़ाहां था लेकिन उसे अपने मक़सद में कामयाबी ना मिल सकी। सी आई डी साइबर क्राईम पुलिस ने विवेक के क़बज़ा से लयाप टाप और इस में मौजूद मस्रूक़ा क़ीमती सॉफ्टवेर बिशमोल सोर्स कोड और डी वी डीज़ को ज़बत करलिया और बादअज़ां उसे अदालती तहवील में दे दिया

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