सोनभद्र नरसंहार: मुख्यमंत्री योगी ने कांग्रेस को ठहराया जिम्मेदार

सोनभद्र नरसंहार: मुख्यमंत्री योगी ने कांग्रेस को ठहराया जिम्मेदार

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में 10 लोगों की गोली मारकर हत्‍या करने के सनसनीखेज मामले पर सियासत गरमा गई है. विधानसभा में जहां विपक्ष योगी सरकार के कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रही हैं तो वहीं सूबे के मुख्यमंत्री का कहना है कि सोनभद्र की घटना के लिए कांग्रेस पार्टी जिम्मेदार है. सीएम योगी ने कहा कि 1955 में आदर्श सोसायटी के नाम पर ज़मीन करने का फैसला संदिग्ध और अवैध था जो कांग्रेस की सरकार ने लिया था.

फिलहाल सोनभद्र में जिस जगह घटना हुई थी वहां धारा 144 लगा दी गई है. वहीं पीड़ित परिवार से मिलने पहुंची कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. उन्हें चुनार गेस्ट हाउस ले जाया गया है जहां वह फिर से धरने पर बैठ गईं हैं.  ऐसे में आइए जानते हैं कि इस घटना में अब तक क्या-क्या हुआ…

आज विधानसभा में हुआ जमकर हंगामा

शुक्रवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा में सोनभद्र हत्याकांड पर जमकर हंगामा हुआ. विपक्ष योगी सरकार की कानून व्यवस्था फेल होने की बात कही. विपक्ष ने सरकार पर दवाब बनाया कि जल्द से जल्द इस मामले में कार्रवाई करे. आज विपक्षी दलों ने एक स्वर में बीजेपी के खिलाफ माहौल खड़ा कर दिया. सदन में इन लोगों की नारेबाजी के कारण विधानसभा की कार्यवाही शुरु होने के बाद से ही संकट में फंस गई. सीएम योगी आदित्यनाथ के इस प्रकरण पर बोलने के दौरान ही विपक्षी दल के नेता शोर करने लगे. सीएम योगी आदित्यनाथ ने विधान सभा में कहा कि सरकार की तरफ सभी घायलों का इलाज चल रहा है. इसके साथ ही इस घटना की निंदा भी की.

योगी आदित्यनाथ ने कहा- कांग्रेस जिम्मेदार !

सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार इस मामले में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई केरगी. उन्होंने कहा, ”इम मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हो रही है. अब तक मामले में मुख्य आरोपी प्रधान समेत 25 लोगों को हिरासत में ले लिया गया है.”

सोनभद्र नरसंहार पर सीएम योगी ने विधानसभा में इस घटना के लिए कांग्रेस पार्टी को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि 1955 में आदर्श सोसायटी के नाम पर ज़मीन करने का फैसला संदिग्ध और अवैध था. आज़ादी के पहले से ही आदिवासी,वनवासी उस जमीन पर खेती करते थे. आदिवासी,वनवासी आदर्श सोसायटी और कुछ लोगो को लगान भी देते थे. 2017 में ये ज़मीन ग्राम प्रधान ने खरीदी और वनवासियों को खेती के एवज़ में पैसा देना बंद कर दिया. 1955 में कांग्रेस सरकार के दौरान आदर्श सोसायटी के गठन में ज़मीन ली गई. 1955,1989 में ये किया गया.

उन्होंने कहा कि अपर मुख्य सचिव राजस्व की अध्यक्षता में 3 सदस्यीय जांच कमेटी बनाई गई है. ये कमेटी 10 दिन में 1955 से लेकर अबतक की गड़बड़ियों की रिपोर्ट देगी. गड़बड़ी पर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा.

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