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सोना की दरआमदात पर तहदीदात की बर्ख़ास्तगी पर

मर्कज़ी वज़ीर फ़ीनांस पी चिदम़्बरम ने आज कहा कि वो सोना की दरआमद पर आइद तहदीदात बर्ख़ास्त करने पर ग़ौर कररहे हैं क्योंकि हुकूमत करंट अकाउंट ख़सारा को क़ाबू में लाना चाहती है।

मर्कज़ी वज़ीर फ़ीनांस पी चिदम़्बरम ने आज कहा कि वो सोना की दरआमद पर आइद तहदीदात बर्ख़ास्त करने पर ग़ौर कररहे हैं क्योंकि हुकूमत करंट अकाउंट ख़सारा को क़ाबू में लाना चाहती है।

जारी मालियाती साल का ख़सारा 45 अरब अमेरिकी डालर है। चिदम़्बरम ने कहा कि वो सिर्फ़ इस मसला का जायज़ा ले सकते हैं। जवाहरात और जे़वरात की सनअत सोना की बरामद पर आइद तहदीदात में नरमी की ख़ाहिशमंद है और चाहती है कि डयूटी में भी कमी की जाये जिस का ख़ाका मर्कज़ी वज़ीर फ़ीनांस ने उबूरी बजट में पेश किया है।

सनअत का कहना है कि इस तरह करंट अकाउंट के ख़सारा पर क़ाबू पाया जा सकता है। चिदम़्बरम ने कहा कि करंट अकाउंट ख़सारा मौजूदा मालियाती साल में निस्फ़ होकर 45 अरब अमेरिकी डालर होजाएगा जो 2012-13में 88 अरब 20 लाख डालर था। करंट अकाउंट ख़सारा गुजिश्ता माली साल में रिकार्ड बुलंदी पर पहुंच गया था क्योंकि सोना की दरआमद में गुजिश्ता माली साल के दौरान इज़ाफ़ा होकर वो 845 टन होगई थी।

चिदम़्बरम ने कहा कि हिंदुस्तान 50 ता 60 अरब अमेरिकी डालर मालियती सोने से ज़्यादा सोना दरआमद करने का मुतहम्मिल नहीं होसकेगा।

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